जालंधर तेज आंधी में पेड़ गिरा: कोर्ट रोड पर खड़ी 2 कारें क्षतिग्रस्त, बड़ा हादसा टला
जालंधर तेज आंधी में पेड़ गिरा और शहर के कोर्ट रोड इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब तेज हवा के कारण एक विशाल सफेदे (यूकेलिप्टस) का पेड़ अचानक खड़ी गाड़ियों पर आ गिरा। इस हादसे में दो कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि लोग समय रहते वहां से नहीं हटते, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।
घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पेड़ काफी समय से झुका हुआ था, लेकिन शिकायतों के बावजूद इसे हटाने या इसकी छंटाई करने की कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जालंधर तेज आंधी में पेड़ गिरा, दो कारें बुरी तरह हुईं क्षतिग्रस्त
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा कोर्ट रोड पर तेज आंधी के दौरान हुआ। तेज हवा का दबाव इतना अधिक था कि वर्षों पुराना यूकेलिप्टस का पेड़ अपनी जड़ों समेत झुककर सीधे सड़क किनारे खड़ी दो कारों पर गिर गया।
पेड़ गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ लगाई। हादसे में दोनों कारों को भारी नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।
गाड़ी मालिक ने सुनाई पूरी आपबीती
पीड़ित वाहन मालिक धीरज ने बताया कि यह सफेदे का पेड़ लंबे समय से एक तरफ झुका हुआ था। उन्होंने अपनी कार रोजाना की तरह पेड़ के पास पार्क की थी।
धीरज के मुताबिक, वह कुछ ही दूरी पर खड़े थे कि अचानक तेज आंधी चली और देखते ही देखते पेड़ उनकी कार पर गिर गया। उन्होंने कहा कि यदि वह उस समय गाड़ी के अंदर बैठे होते तो गंभीर हादसा हो सकता था।
उन्होंने कहा कि यह भगवान का शुक्र है कि उनकी जान बच गई, लेकिन उनकी कार को भारी नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की लापरवाही पर उठाए सवाल
जालंधर तेज आंधी में पेड़ गिरा की घटना के बाद स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में ऐसे पेड़ मौजूद हैं जो या तो पूरी तरह सूख चुके हैं या फिर खतरनाक तरीके से झुक चुके हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि प्रशासन पहले ही ऐसे पेड़ों की पहचान कर उन्हें हटवा देता, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता था।
नगर निगम की जिम्मेदारी पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बरसात और तेज हवाओं के मौसम में पुराने और कमजोर पेड़ किसी भी समय गिर सकते हैं, जिससे लोगों की जान और संपत्ति दोनों को खतरा बना रहता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून और आंधी के मौसम से पहले शहर के सभी पुराने, झुके हुए और सूखे पेड़ों का सर्वे कराया जाना चाहिए। जिन पेड़ों से खतरा है, उनकी तुरंत छंटाई या हटाने की कार्रवाई की जानी चाहिए।
बारिश और तेज हवाओं के मौसम में बरतें ये सावधानियां
तेज आंधी और बारिश के दौरान नागरिकों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए—
- सूखे या झुके हुए पेड़ों के नीचे वाहन पार्क न करें।
- तेज हवाओं के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
- किसी खतरनाक पेड़ की जानकारी तुरंत नगर निगम या प्रशासन को दें।
- तेज आंधी के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शहरभर में ऐसे सभी खतरनाक पेड़ों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।
लोगों ने प्रभावित वाहन मालिकों को उचित मुआवजा देने और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है।
जालंधर तेज आंधी में पेड़ गिरा की यह घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि शहर में पेड़ों के रखरखाव और प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी इशारा करती है। इस बार भले ही कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दो वाहन क्षतिग्रस्त हुए और कई लोगों की जान बाल-बाल बची। यदि नगर निगम समय रहते झुके और सूखे पेड़ों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करे, तो भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।

