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जालंधर में जानी के खिलाफ शिकायत: ‘अप्सरा 2’ गाने पर ईसाई समुदाय ने जताई आपत्ति, पुलिस कमिश्नर से कार्रवाई की मांग

जालंधर में जानी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने ईसाई समुदाय पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचा। 'अप्सरा 2' गाने के बोल पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

जालंधर में जानी के खिलाफ शिकायत का मामला सामने आने के बाद पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मशहूर पंजाबी गीतकार और सिंगर जानी के नए गाने ‘अप्सरा 2’ को लेकर ईसाई समुदाय ने कड़ी आपत्ति जताई है। समुदाय का आरोप है कि गाने के कुछ बोल उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं और चर्च की गरिमा का अपमान करते हैं।

इसी मुद्दे को लेकर ईसाई समाज के प्रतिनिधियों ने जालंधर के पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी और जानी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

नोट: यह मामला शिकायत और आरोपों पर आधारित है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

जालंधर में जानी के खिलाफ शिकायत क्यों दर्ज कराई गई?

जालंधर में जानी के खिलाफ शिकायत की मुख्य वजह उनके हाल ही में रिलीज हुए गाने ‘अप्सरा 2’ के कुछ बोल हैं। ईसाई समुदाय का कहना है कि गाने में चर्च और धार्मिक प्रतीकों का जिस तरह उल्लेख किया गया है, उससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

समुदाय के नेताओं के अनुसार, धार्मिक स्थलों और प्रार्थना से जुड़े संदर्भों का मनोरंजन के उद्देश्य से इस प्रकार उपयोग करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि ऐसे गीत समाज में धार्मिक संवेदनशीलता को प्रभावित कर सकते हैं।

‘अप्सरा 2’ गाने को लेकर क्या है विवाद?

विवाद गाने की उन पंक्तियों को लेकर है, जिनमें चर्च के अंदर जाने, मोमबत्तियां जलाने और उसके बाद ‘अप्सरा’ दिखाई देने का जिक्र किया गया है।

ईसाई समुदाय का आरोप है कि इन पंक्तियों में चर्च की पवित्रता की तुलना एक काल्पनिक पात्र से की गई है, जिसे उन्होंने धार्मिक आस्था के प्रति अपमानजनक बताया है।

दूसरी ओर, इस मामले में जानी की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे समुदाय के लोग

जालंधर में जानी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे।

प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं तो कानून के अनुसार मामले की जांच होनी चाहिए।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

शिकायतकर्ताओं ने कहा कि यदि प्रशासन इस मामले में जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाता है तो ईसाई समुदाय बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेगा।

समुदाय के नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी कलाकार का विरोध करना नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और सम्मान की रक्षा करना है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पक्षों को सुनकर उचित निर्णय लिया जाए।

अन्य कलाकारों के लिए भी उठी जिम्मेदारी की बात

शिकायतकर्ताओं ने कहा कि मनोरंजन के नाम पर किसी भी धर्म, धार्मिक स्थल या आस्था से जुड़े प्रतीकों का उपयोग करते समय कलाकारों और गीतकारों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

उनका मानना है कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई होती है तो यह भविष्य में अन्य कलाकारों के लिए भी एक संदेश होगा कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाए और किसी भी समुदाय की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री से बचा जाए।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

जालंधर में जानी के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। अधिकारियों के अनुसार, शिकायत की जांच की जा रही है और संबंधित तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।

यदि जांच में किसी प्रकार का कानूनी उल्लंघन सामने आता है तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और मामले में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

यह मामला एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक भावनाओं के सम्मान के बीच संतुलन को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। ऐसे मामलों में जांच पूरी होने और सभी तथ्यों के सामने आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित माना जाता है।

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