जालंधर में बकरीद 2026: अमन, भाईचारे और देश की तरक्की के लिए मांगी गई दुआ
जालंधर में बकरीद: अमन और भाईचारे का संदेश
जालंधर में बकरीद का त्योहार इस बार पूरे श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। वीरवार सुबह गुलाब देवी रोड स्थित ईदगाह में बड़ी संख्या में मुस्लिम भाईचारे के लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। नमाज के दौरान देश में अमन, शांति, सलामती और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया।




जालंधर में बकरीद पर उमड़ी लोगों की भीड़
ईदगाह के प्रधान नासिर सलमानी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सुबह से ही ईदगाह में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था।https://yourwebsite.com/jalandhar-me-bakrid-aman-bhaichara-dua सभी ने मिलकर नमाज अदा की और देश की खुशहाली के लिए दुआ की। नमाज के बाद बच्चों और युवाओं में खास उत्साह देखने को मिला। लोगों ने एक-दूसरे के साथ मिठाइयां बांटी और त्योहार की खुशियां साझा कीं।
इस दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। ईदगाह परिसर में सामाजिक सौहार्द और एकता का अनोखा दृश्य देखने को मिला।
पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू ने दी बधाई
इस मौके पर पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू भी ईदगाह पहुंचे और मुस्लिम समुदाय को बकरीद की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बकरीद का त्योहार समाज को एकता और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोग यदि मिलकर देशहित में काम करें तो भारत तेजी से विकास की ओर बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि त्योहार समाज में प्रेम और सौहार्द को मजबूत करने का माध्यम होते हैं। ऐसे आयोजनों से लोगों के बीच आपसी विश्वास बढ़ता है और सामाजिक रिश्ते मजबूत होते हैं।
जालंधर में बकरीद पर भाईचारे का संदेश
ईदगाह के प्रधान नासिर सलमानी ने अपने संबोधन में कहा कि नफरत को केवल मोहब्बत से ही खत्म किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा मजबूत करने और प्रेम का संदेश फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बकरीद केवल कुर्बानी का त्योहार नहीं बल्कि इंसानियत, त्याग और सेवा का प्रतीक भी है।
उन्होंने कहा कि आज समाज को सबसे ज्यादा जरूरत आपसी प्रेम और एकता की है। अगर सभी लोग मिलजुल कर रहेंगे तो समाज और देश दोनों मजबूत होंगे। उन्होंने युवाओं से भी भाईचारे और इंसानियत का संदेश आगे बढ़ाने की अपील की।
बकरीद का धार्मिक महत्व
बकरीद, जिसे ईद-उल-अजहा भी कहा जाता है, मुसलमानों का प्रमुख धार्मिक त्योहार है। इस दिन लोग खुदा की राह में कुर्बानी देकर त्याग और समर्पण का संदेश देते हैं। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार यह त्योहार हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है।
बकरीद इंसान को अपने अंदर की बुराइयों जैसे अहंकार, लालच और नफरत को खत्म करने की प्रेरणा देती है। यही कारण है कि इस त्योहार को प्रेम, त्याग और इंसानियत का पर्व भी कहा जाता है।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस दौरान अकाली दल के इक़बाल सिंह ढींडसा, परमजीत सिंह बिट्टी, आबिद सलमानी, अयूब सलमानी, जब्बार खान, इमरान मेहताब सलमानी, वाजिद सलमानी, मयूर सलमानी, अली हसन, नसीम सलमानी, मुस्तकीम सलमानी, जाकिर सलमानी और कलीम सलमानी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
जालंधर में बकरीद के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि त्योहार केवल धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम भी होते हैं। प्रेम, भाईचारे और इंसानियत के साथ मनाया गया यह त्योहार लोगों के दिलों में खुशियां और सकारात्मक संदेश छोड़ गया।

