जालंधर रोडवेज बस हादसा: नकोदर कोर्ट के बाहर चलती बस का टायर निकला, 20 फीट तक घिसटती रही बस

जालंधर रोडवेज बस हादसा गुरुवार को नकोदर स्थित एसडीएम कोर्ट परिसर के बाहर उस समय सामने आया, जब मेहतपुर की ओर से आ रही पंजाब रोडवेज की एक चलती बस का अगला टायर अचानक निकल गया। टायर निकलने के बाद बस करीब 20 फीट तक सड़क पर घिसटती रही। इस दौरान उछलता हुआ टायर सड़क किनारे खड़ी एक स्विफ्ट कार से जा टकराया, जिससे कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि घटना के बाद कोर्ट परिसर के बाहर लंबा जाम लग गया और लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
जालंधर रोडवेज बस हादसा कैसे हुआ?
जालंधर रोडवेज बस हादसा उस समय हुआ जब जालंधर डिपो की पंजाब रोडवेज बस मेहतपुर से नकोदर की ओर आ रही थी। अचानक बस के अगले पहिए की बेयरिंग टूट गई, जिसके कारण टायर अपनी जगह से निकल गया।
बस चालक यशपाल सिंह ने बताया कि बेयरिंग टूटने के कारण यह हादसा हुआ। उनके अनुसार, घटना इतनी अचानक हुई कि बस को तुरंत नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया। हालांकि उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बस को सुरक्षित रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
टायर निकलने के बाद 20 फीट तक घिसटती रही बस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जालंधर रोडवेज बस हादसा बेहद भयावह हो सकता था।
लोगों ने बताया कि टायर निकलने के बावजूद भारी-भरकम बस करीब 20 फीट तक सड़क पर घिसटती रही। बस के नीचे से चिंगारियां निकलती दिखाई दीं, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
इसके बाद चालक ने किसी तरह बस को नियंत्रित कर रोका और यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारा गया।

स्विफ्ट कार को हुआ भारी नुकसान
जालंधर रोडवेज बस हादसा में उछलकर निकला टायर सड़क किनारे खड़ी एक स्विफ्ट कार से जा टकराया।
कार मालिक की पहचान गांव बुलंदा निवासी सतपाल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह किसी काम से एसडीएम कोर्ट आए थे और अपनी कार कोर्ट परिसर के बाहर खड़ी कर दी थी।
कार चालक कुलविंदर सिंह उस समय वाहन से बाहर दूसरी ओर खड़े थे। यदि वह कार के अंदर होते तो गंभीर हादसा हो सकता था। टक्कर के कारण कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
यात्रियों की सुरक्षित निकासी
जालंधर रोडवेज बस हादसा के समय बस में कई यात्री सवार थे।
टायर निकलने के बाद यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि चालक और स्थानीय लोगों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाल लिया गया।
चूंकि हादसे के समय सड़क पर ट्रैफिक अपेक्षाकृत कम था, इसलिए किसी अन्य वाहन या राहगीर को नुकसान नहीं पहुंचा। इस कारण एक बड़ा सड़क हादसा होने से बच गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जालंधर रोडवेज बस हादसा की जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दुर्घटना के कारणों की जानकारी जुटाई। वहीं कार मालिक ने मौके पर ही हुए नुकसान की भरपाई की मांग की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बस की तकनीकी स्थिति की भी जांच की जा रही है।
सड़क सुरक्षा और वाहन फिटनेस पर उठे सवाल
इस घटना के बाद पंजाब रोडवेज की बसों की तकनीकी जांच और नियमित रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन वाहनों की समय-समय पर फिटनेस जांच और बेयरिंग, ब्रेक, टायर तथा अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों की नियमित सर्विसिंग बेहद जरूरी है। इससे इस तरह के हादसों की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जालंधर रोडवेज बस हादसा एक गंभीर दुर्घटना साबित हो सकती थी, लेकिन चालक की सूझबूझ, कम यातायात और समय रहते यात्रियों की सुरक्षित निकासी के कारण बड़ा नुकसान टल गया। हालांकि स्विफ्ट कार को भारी क्षति पहुंची है और घटना के बाद कोर्ट परिसर के बाहर जाम की स्थिति बन गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और तकनीकी कारणों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
