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डेयरी प्रशिक्षण कोर्स 2026: डेयरी कारोबार शुरू करने का सुनहरा मौका, 13 जुलाई से फगवाड़ा में 2 हफ्ते की ट्रेनिंग

डेयरी प्रशिक्षण कोर्स के तहत 13 जुलाई से फगवाड़ा डेयरी ट्रेनिंग सेंटर में 2 सप्ताह का प्रशिक्षण शुरू होगा। 10 जुलाई तक आवेदन करें और डेयरी व्यवसाय, पशुपालन, आधुनिक तकनीक तथा सरकारी वित्तीय सहायता की पूरी जानकारी प्राप्त करें।

यदि आप अपना डेयरी प्रशिक्षण कोर्स करके डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए यह एक बेहतरीन अवसर है। डेयरी विकास विभाग की ओर से 13 जुलाई से फगवाड़ा स्थित डेयरी ट्रेनिंग सेंटर में दो सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को आधुनिक डेयरी प्रबंधन, पशुपालन और डेयरी कारोबार की पूरी जानकारी देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए तैयार करना है।

इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को न केवल डेयरी व्यवसाय की तकनीकी जानकारी मिलेगी, बल्कि सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता का लाभ लेने की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी।

डेयरी प्रशिक्षण कोर्स के लिए 10 जुलाई तक करें आवेदन

डिप्टी डायरेक्टर डेयरी विकास कश्मीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक उम्मीदवार 10 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जिला जालंधर स्थित डिप्टी डायरेक्टर डेयरी विकास कार्यालय, आर.डी.डी.एल. कॉम्प्लेक्स, लाडोवाली रोड में जमा किए जा सकते हैं।

यह प्रशिक्षण विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो गांवों में रहकर स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं या डेयरी व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं।

डेयरी प्रशिक्षण कोर्स में क्या-क्या सिखाया जाएगा?

इस डेयरी प्रशिक्षण कोर्स के दौरान विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक डेयरी व्यवसाय से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। इनमें शामिल हैं—

  • दुधारू पशुओं का सही चयन और खरीद
  • पशु आहार एवं पोषण प्रबंधन
  • नस्ल सुधार की आधुनिक तकनीक
  • पशुओं की देखभाल और स्वास्थ्य प्रबंधन
  • डेयरी फार्म का सफल संचालन
  • दूध का संग्रहण और उचित विपणन
  • आधुनिक डेयरी तकनीकों का उपयोग
  • सरकारी योजनाओं और अनुदान की जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभाग की ओर से अध्ययन सामग्री भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

कौन कर सकता है डेयरी प्रशिक्षण कोर्स?

इस प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए निम्न पात्रता निर्धारित की गई है—

  • आयु 18 से 55 वर्ष के बीच हो।
  • ग्रामीण पृष्ठभूमि से संबंधित पुरुष एवं महिलाएं आवेदन कर सकते हैं।
  • न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पांचवीं पास होना आवश्यक है।

इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और डेयरी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

डेयरी प्रशिक्षण कोर्स पूरा करने पर मिलेगा वित्तीय सहायता का लाभ

प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले उम्मीदवारों को विभाग की निर्धारित शर्तों के अनुसार वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

  • 2.5 दुधारू पशुओं की खरीद पर 33 प्रतिशत तक सहायता।
  • 10 दुधारू पशुओं की खरीद पर 25 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता।

इससे नए डेयरी उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने में आर्थिक सहयोग मिलेगा और वे कम निवेश में अपना डेयरी फार्म स्थापित कर सकेंगे।

प्रशिक्षण शुल्क कितना है?

डेयरी प्रशिक्षण कोर्स के लिए प्रशिक्षण शुल्क इस प्रकार निर्धारित किया गया है—

  • सामान्य वर्ग: 1000 रुपये
  • अनुसूचित जाति वर्ग: 750 रुपये

शुल्क जमा करने के बाद चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

डेयरी व्यवसाय क्यों है बेहतर रोजगार का विकल्प?

भारत में दूध और दुग्ध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डेयरी व्यवसाय स्वरोजगार का एक मजबूत और लाभदायक विकल्प बनकर उभर रहा है। यदि सही प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जाए तो कम निवेश में भी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।

डेयरी प्रशिक्षण कोर्स युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि आप भी डेयरी व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो 10 जुलाई से पहले आवेदन कर इस सुनहरे अवसर का लाभ अवश्य उठाएं।

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