दावोस के बाद भारत दौरा
21..jan..यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा है कि वह दावोस में होने वाली विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) की बैठक के तुरंत बाद अगले वीकेंड भारत की यात्रा करेंगी। उनके इस बयान को यूरोप और भारत के बीच बढ़ते रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
दावोस में मीडिया से बातचीत के दौरान उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत यूरोपीय संघ के लिए एक “महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साझेदार” है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल सहयोग और भू-राजनीतिक मुद्दों पर उच्चस्तरीय बातचीत होने की संभावना है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साथ सहयोग और भी अधिक जरूरी हो गया है। उनके अनुसार, यूरोपीय संघ और भारत दोनों ही लोकतांत्रिक मूल्यों, नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और सतत विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता रखते हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा के दौरान उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारतीय नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा कर सकती हैं। खास तौर पर मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), सप्लाई चेन में सहयोग और हरित प्रौद्योगिकी जैसे मुद्दे एजेंडे में शामिल हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को नई गति दे सकता है। दावोस के बाद भारत की उनकी त्वरित यात्रा यह संकेत देती है कि यूरोपीय संघ एशिया, विशेषकर भारत, के साथ अपने रणनीतिक जुड़ाव को प्राथमिकता दे रहा है।

