India

नैनीताल टेंपो ट्रैवलर हादसा: खाई में गिरा पर्यटकों का वाहन, दो महिलाओं की मौत, कई घायल

नैनीताल टेंपो ट्रैवलर हादसा में बड़ा दर्दनाक हादसा सामने आया है। नैनीताल से लौट रहे यूपी के पर्यटकों का टेंपो ट्रैवलर 30 मीटर गहरी खाई में गिर गया, जिससे दो महिलाओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। घायलों को हल्द्वानी रेफर किया गया।

नैनीताल टेंपो ट्रैवलर हादसा उत्तराखंड के कालाढूंगी क्षेत्र में उस समय हुआ जब नैनीताल घूमकर लौट रहे उत्तर प्रदेश के पर्यटकों का वाहन अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक दुर्घटना में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बच्चों समेत कई अन्य पर्यटक घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया।

पुलिस, स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से सभी घायलों को खाई से बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायल पर्यटकों को प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है।

कैसे हुआ नैनीताल टेंपो ट्रैवलर हादसा?

जानकारी के अनुसार, मेरठ के ताला फैक्टरी क्षेत्र के एक ही परिवार के करीब 28 पर्यटक नैनीताल घूमने के बाद वापस लौट रहे थे। बुधवार शाम करीब 8 बजे कालाढूंगी नगर से लगभग एक किलोमीटर पहले एक मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा।

इसके बाद पर्यटकों से भरा टेंपो ट्रैवलर करीब 30 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। वाहन के खाई में गिरते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और राहत कार्य शुरू किया गया।

दो महिलाओं की मौत, कई घायल

नैनीताल टेंपो ट्रैवलर हादसा इतना गंभीर था कि दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं।

रेस्क्यू टीम और स्थानीय लोगों ने करीब 45 मिनट तक अभियान चलाकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद निजी वाहनों और 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया।

अस्पताल में सुविधाओं की कमी पर भड़के लोग

हादसे के बाद जब बड़ी संख्या में घायल सीएचसी पहुंचे तो वहां अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई। पांच बेड वाले अस्पताल में 20 से अधिक घायल मरीजों के पहुंचने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।

घायलों और उनके परिजनों को अस्पताल में पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी। कई घायल मरीजों को बैठने के लिए बेंच तक उपलब्ध नहीं हो सकी। एंबुलेंस की कमी के कारण कुछ मरीजों को लगभग एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

स्थिति को देखते हुए बाजपुर और हल्द्वानी से अतिरिक्त एंबुलेंस मंगवाई गईं, जिनके जरिए गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी भेजा गया।

प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

नैनीताल टेंपो ट्रैवलर हादसा के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, टेंपो ट्रैवलर में क्षमता से कहीं अधिक यात्री सवार थे।

बताया जा रहा है कि वाहन में बच्चों सहित करीब 29 लोग यात्रा कर रहे थे। कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर दो पुलिस चेक पोस्ट होने के बावजूद वाहन को कहीं नहीं रोका गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते वाहन की जांच की जाती और ओवरलोडिंग पर कार्रवाई होती, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

जांच में जुटा प्रशासन

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार पूजा शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में वाहन के अनियंत्रित होने और ओवरलोडिंग को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग पर फिर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग की समस्या को उजागर करता है। पर्यटन सीजन के दौरान बड़ी संख्या में वाहन यात्रियों को लेकर पहाड़ी मार्गों पर चलते हैं, लेकिन कई बार सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है।

नैनीताल टेंपो ट्रैवलर हादसा प्रशासन और परिवहन विभाग के लिए भी एक चेतावनी है कि ओवरलोडिंग और वाहन सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *