breakingPunjab

फरीदाबाद रिश्वतखोरी मामला: JE और 2 लाइनमैन रिश्वत लेते गिरफ्तार, मीटर लोड बढ़ाने के नाम पर मांगे थे 11 हजार रुपए

फरीदाबाद रिश्वतखोरी मामला में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बिजली विभाग के JE और 2 लाइनमैन को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोपियों ने मीटर का लोड बढ़ाने के बदले 11 हजार रुपए की मांग की थी।
फरीदाबाद रिश्वतखोरी मामला में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बिजली विभाग के JE और 2 लाइनमैन को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोपियों ने मीटर का लोड बढ़ाने के बदले 11 हजार रुपए की मांग की थी।

फरीदाबाद रिश्वतखोरी मामला एक बार फिर सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। हरियाणा के फरीदाबाद में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (JE) और दो लाइनमैन को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बिजली मीटर का लोड बढ़ाने के बदले उपभोक्ता से अवैध रूप से पैसे मांगे गए थे।

एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। मामले में एक अन्य कर्मचारी की भी संलिप्तता सामने आई है, जो कार्रवाई के दौरान मौके से फरार हो गया।

फरीदाबाद रिश्वतखोरी मामला कैसे आया सामने?

फरीदाबाद रिश्वतखोरी मामला तब सामने आया जब सेक्टर-15A स्थित बिजली विभाग के कार्यालय से जुड़े कर्मचारी निरीक्षण के लिए क्षेत्र में पहुंचे। https://yourwebsite.com/faridabad-rishwatkhori-mamla-je-lineman-arrest जांच के दौरान एक लाइब्रेरी में बिजली खपत के मुकाबले कम क्षमता का मीटर लगा हुआ पाया गया।

कर्मचारियों ने कथित तौर पर उपभोक्ता को विभागीय कार्रवाई का डर दिखाया और कहा कि यदि मीटर की क्षमता बढ़ानी है और मामला निपटाना है तो इसके लिए अतिरिक्त भुगतान करना होगा। यहीं से पूरे मामले की शुरुआत हुई।

मीटर का लोड बढ़ाने के बदले मांगे 11 हजार रुपए

शिकायतकर्ता दुष्यंत सैनी के अनुसार, बिजली विभाग के कर्मचारियों ने मीटर का लोड बढ़ाने और कार्रवाई से बचाने के बदले कुल 11 हजार रुपए की मांग की थी। आरोप है कि कर्मचारियों के कहने पर पहले 3 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए गए थे।

इसके बाद बाकी 8 हजार रुपए नकद देने की बात तय हुई। शिकायतकर्ता को जब यह मांग अनुचित लगी तो उसने पूरे मामले की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दे दी।

फरीदाबाद रिश्वतखोरी मामला में ACB की कार्रवाई

फरीदाबाद रिश्वतखोरी मामला की शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई। अधिकारियों ने शिकायतकर्ता को सहयोग करने के लिए कहा और पूरी प्रक्रिया की निगरानी शुरू कर दी।

तय कार्यक्रम के अनुसार शिकायतकर्ता सेक्टर-15A स्थित बिजली कार्यालय पहुंचा, जहां उसे नकद राशि देनी थी। जैसे ही रिश्वत की रकम आरोपियों को सौंपी गई, एसीबी की टीम ने मौके पर छापा मारकर कार्रवाई कर दी।

8 हजार रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

एसीबी अधिकारियों ने मौके पर मौजूद जूनियर इंजीनियर शोकीन खान और दो लाइनमैन अरुण तथा नरेंद्र को हिरासत में ले लिया। जांच के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद की गई।

फरीदाबाद रिश्वतखोरी मामला में गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। एसीबी यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने पहले भी इसी तरह लोगों से अवैध वसूली की थी।

एक कर्मचारी फरार, तलाश जारी

मामले की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस कथित रिश्वतखोरी में एक अन्य कर्मचारी की भूमिका भी हो सकती है। हालांकि एसीबी की कार्रवाई के दौरान वह मौके से फरार हो गया।

अधिकारियों का कहना है कि फरार कर्मचारी की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच एजेंसियां उसके मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख

फरीदाबाद रिश्वतखोरी मामला को लेकर एसीबी अधिकारियों ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता से अपील की गई है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित एजेंसियों को दें।

अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।

फरीदाबाद रिश्वतखोरी मामला से उठे सवाल

इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आम नागरिकों का कहना है कि कई बार जरूरी कामों के लिए लोगों को अनावश्यक परेशान किया जाता है और अवैध रूप से पैसे मांगने के आरोप सामने आते रहते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है।

फरीदाबाद रिश्वतखोरी मामला में एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। बिजली विभाग के JE और दो लाइनमैन की गिरफ्तारी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि रिश्वतखोरी में शामिल किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। अब जांच एजेंसियां फरार आरोपी की तलाश और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *