भारतीय फुटबॉल संकट में, राजनीति से दूर रखने की अपील
3. jan.भारतीय फुटबॉल इस समय एक नाजुक मोड़ पर खड़ा है। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) से जुड़े प्रशासनिक विवाद, नेतृत्व को लेकर खींचतान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। इसी कड़ी में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारतीय फुटबॉल को राजनीति से दूर रखने की अपील करते हुए निशाना साधा है।
केजरीवाल ने कहा कि खेल किसी भी देश की युवा पीढ़ी की ऊर्जा और सपनों का प्रतीक होता है, उसे राजनीतिक स्वार्थों की भेंट नहीं चढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने चिंता जताई कि प्रशासनिक हस्तक्षेप और सत्ता संघर्ष का सीधा असर खिलाड़ियों के मनोबल और खेल के भविष्य पर पड़ता है। उनका कहना था कि फुटबॉल जैसे लोकप्रिय खेल को आगे बढ़ाने के लिए पारदर्शी, पेशेवर और स्वतंत्र ढांचे की जरूरत है।
हाल के वर्षों में भारतीय फुटबॉल ने जमीनी स्तर पर कुछ प्रगति जरूर की है, लेकिन संगठनात्मक अस्थिरता के कारण यह रफ्तार बार-बार थम जाती है। अंतरराष्ट्रीय महासंघ फीफा द्वारा पहले भी AIFF पर सख्त रुख अपनाया जा चुका है, जिससे भारतीय फुटबॉल को वैश्विक मंच पर नुकसान झेलना पड़ा है।
केजरीवाल ने केंद्र और संबंधित संस्थाओं से आग्रह किया कि वे खेल संघों को स्वतंत्र रूप से काम करने दें और खिलाड़ियों के हितों को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि अगर खेल को राजनीति से अलग रखा जाए, तो भारत में फुटबॉल के पास अपार संभावनाएं हैं।
फिलहाल, फुटबॉल प्रेमियों की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले समय में प्रशासनिक सुधार होते हैं या नहीं, क्योंकि इसका सीधा असर देश के फुटबॉल भविष्य पर पड़ेगा।

