लैंडिंग के दौरान हादसा, जांच के आदेश
28..jan..केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा है कि संबंधित विमान को लैंडिंग के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से पूरी तरह क्लियरेंस दी गई थी, लेकिन लैंडिंग के वक्त एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जानकारी के आधार पर किसी भी तरह की जल्दबाज़ी में निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
मंत्री नायडू ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही आपातकालीन एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया था। विमान में सवार यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही और राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किए गए। उन्होंने कहा कि घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है।
नायडू ने यह भी कहा कि विमानन सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों और प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा था। मौसम की स्थिति, तकनीकी पहलुओं और मानवीय कारकों—तीनों की जांच की जाएगी। इसके लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक स्वतंत्र जांच समिति गठित की है, जो ब्लैक बॉक्स के डेटा, एटीसी रिकॉर्ड और तकनीकी लॉग्स का विश्लेषण करेगी।
एटीसी सूत्रों के अनुसार, रनवे और हवाई अड्डे की परिचालन स्थिति सामान्य थी। फिर भी, मंत्री ने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या तकनीकी चूक पाई जाती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यात्रियों और उनके परिजनों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है।
घटना के बाद संबंधित एयरलाइन ने भी बयान जारी कर यात्रियों से खेद व्यक्त किया है और कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगी। फिलहाल, जांच पूरी होने तक कुछ परिचालन प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

