शाहकोट गोलीकांड: घर में घुसे हथियारबंद बदमाशों ने चलाई गोली, महिला गंभीर घायल

शाहकोट गोलीकांड ने जालंधर देहात क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। शाहकोट के नजदीकी गांव संधावाल मंड में तीन हथियारबंद युवकों ने एक घर में घुसकर फायरिंग कर दी। इस हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तुरंत इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमला पुरानी रंजिश और नशा व जुए के कारोबार का विरोध करने से जुड़ा हो सकता है। पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
क्या है शाहकोट गोलीकांड का पूरा मामला?
शाहकोट गोलीकांड की घटना गांव संधावाल मंड में उस समय हुई जब परिवार के सभी सदस्य अपने घर में मौजूद थे। पीड़ित महिला बुचान कौर पत्नी जसवंत सिंह ने बताया कि उनके घर के पास कुछ युवक कथित तौर पर नशा और जुए का कारोबार करते हैं।
परिवार ने कई बार इन युवकों को ऐसा करने से रोका था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था। बुचान कौर का आरोप है कि विरोध करने के कारण इन युवकों ने उनके परिवार के खिलाफ रंजिश पाल ली थी और कई बार जान से मारने की धमकियां भी दी थीं।
तीन हथियारबंद युवक मोटरसाइकिल पर पहुंचे
परिजनों के अनुसार, शाहकोट गोलीकांड के दौरान तीन युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर उनके घर पहुंचे। तीनों ने अपने चेहरे कपड़े से ढके हुए थे और उनके पास हथियार थे।
बताया गया कि दो युवक घर के अंदर घुस गए जबकि तीसरा युवक मोटरसाइकिल स्टार्ट करके बाहर खड़ा रहा। घर में घुसते ही आरोपियों ने परिवार के सदस्यों को निशाना बनाने की कोशिश की।
रसोई से बाहर आई महिला को मारी गोली
घटना के समय गुरजीत कौर (30), पत्नी कुलवंत सिंह, जो अपने मायके आई हुई थी, रसोई में काम कर रही थी। जैसे ही उसने घर में हलचल सुनी और बाहर आने की कोशिश की, आरोपियों ने उस पर फायरिंग कर दी।
गोली उसकी दाहिनी टांग में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। गोली लगते ही घर में अफरा-तफरी मच गई और परिवार के सदस्य घबरा गए।
शाहकोट गोलीकांड में बाल-बाल बचे परिवार के अन्य सदस्य
शाहकोट गोलीकांड में परिवार के अन्य सदस्य बाल-बाल बच गए। परिजनों के मुताबिक, घटना के समय बाकी सदस्य दूसरे कमरे में मौजूद थे, जिसके कारण वे हमलावरों की सीधी गोलीबारी का शिकार नहीं बने।
गोली चलाने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। परिवार ने तुरंत घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी।
निजी अस्पताल में चल रहा इलाज
गंभीर रूप से घायल गुरजीत कौर को जालंधर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
नशा और जुए के कारोबार को लेकर था विवाद
परिवार का दावा है कि शाहकोट गोलीकांड के पीछे नशा और जुए के कारोबार का विरोध मुख्य कारण हो सकता है। बुचान कौर ने बताया कि गांव में कुछ युवक खुलेआम नशा बेचते हैं और जुए का अवैध कारोबार चलाते हैं।
परिवार ने कई बार इसका विरोध किया और पुलिस को भी इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। पीड़ित परिवार को शक है कि हमला उन्हीं लोगों ने करवाया है।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी आरोपी की आधिकारिक पहचान की पुष्टि नहीं की है। जांच अधिकारी सभी संभावित पहलुओं पर काम कर रहे हैं और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश
शाहकोट गोलीकांड की सूचना मिलते ही डीएसपी सरवण सिंह बिल्ल, एसएचओ दिलबाग सिंह और एएसआई परमजीत कौर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां से गोली का खोल भी बरामद किया है। फॉरेंसिक टीम को भी मामले की जांच के लिए सूचित किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। आसपास के CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
शाहकोट गोलीकांड ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते अपराध और अवैध गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।
