सोने की कीमतों में गिरावट: पीएम मोदी की अपील के बाद बाजार में हलचल बढ़ी
सोने की कीमतों में गिरावट से बाजार में हलचल
इस हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली, जबकि चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। सुबह करीब 10:30 बजे सोने के दाम में लगभग 400 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई। वहीं चांदी 400 रुपये प्रति किलो से ज्यादा महंगी हो गई। सर्राफा बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया अपील का असर भी बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।

पीएम मोदी की अपील का असर
हैदराबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने लोगों से अपील की कि आने वाले एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचें। http://sone-ki-keematon-mein-girawat-pm-modi-appealउन्होंने कहा कि पुराने समय में जब देश पर संकट आता था, तब लोग देशहित में अपना सोना तक दान कर देते थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश को आर्थिक अनुशासन और आत्मनिर्भरता की जरूरत है। उनका मानना है कि अगर लोग कुछ समय तक सोने की खरीद कम करें, तो इससे देश की विदेशी मुद्रा बचाई जा सकती है और आयात पर निर्भरता कम होगी।
क्यों हो रही है सोने की कीमतों में गिरावट?
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड इंपोर्ट करने वाले देशों में शामिल है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ती हैं और डॉलर मजबूत होता है, तब इसका असर सीधे सोने की कीमतों पर पड़ता है।
इसके अलावा सरकार की अपील के बाद बाजार में मांग थोड़ी कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। यही वजह है कि फिलहाल सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। कई ज्वेलरी कारोबारियों का भी मानना है कि आने वाले समय में सोने के दाम में और गिरावट संभव है।
ज्वेलरी कारोबारियों की राय
जब स्थानीय सर्राफा कारोबारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जब भी कोई बड़ा आर्थिक फैसला या अपील करते हैं, उसका असर बाजार में जरूर दिखाई देता है। कारोबारियों का कहना है कि अगर लोगों ने कुछ समय तक खरीदारी कम की, तो बाजार में मांग घट सकती है और इससे कीमतों में और नरमी आ सकती है।
हालांकि कुछ व्यापारियों का मानना है कि शादी और त्योहारों के सीजन में सोने की मांग पूरी तरह खत्म नहीं होगी। भारतीय संस्कृति में सोने का विशेष महत्व है और लोग इसे निवेश के सुरक्षित विकल्प के रूप में भी देखते हैं।
सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस
पीएम मोदी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे देशहित में लिया गया मजबूत फैसला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि इससे ज्वेलरी उद्योग और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सोने का आयात कम होता है तो देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
आने वाले समय में क्या होगा?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कुछ महीनों में सोने की कीमतों में गिरावट और उतार-चढ़ाव दोनों देखने को मिल सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय हालात, डॉलर की स्थिति और सरकार की आर्थिक नीतियां इसमें बड़ी भूमिका निभाएंगी।
अगर लोगों ने फिलहाल खरीदारी कम की तो बाजार में कीमतें नीचे जा सकती हैं। वहीं वैश्विक तनाव बढ़ने की स्थिति में सोने की मांग फिर बढ़ सकती है।

