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370 रुपये की बिरयानी विवाद: वायरल नोटिफिकेशन पर मचा बवाल, Zomato ने बताई पूरी सच्चाई

370 रुपये की बिरयानी विवाद पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। एक स्टैंडअप कॉमेडी शो में कही गई बात से शुरू हुआ यह मामला अब सोशल मीडिया, डेटिंग कल्चर, कंसेंट और डिजिटल जिम्मेदारी जैसे बड़े मुद्दों तक पहुंच चुका है। इस विवाद में कई ब्रांड, कंटेंट क्रिएटर और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर भी शामिल हो गए हैं। इसी बीच Zomato के नाम से वायरल हुए एक कथित नोटिफिकेशन ने मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया।

हालांकि बढ़ते विवाद के बाद Zomato ने सामने आकर इस वायरल स्क्रीनशॉट की सच्चाई बताई और साफ किया कि कंपनी का इससे कोई संबंध नहीं है।

370 रुपये की बिरयानी विवाद में Zomato का नाम कैसे जुड़ा?

370 रुपये की बिरयानी विवाद के बीच सोशल मीडिया पर कुछ स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल होने लगे। इन स्क्रीनशॉट्स में दावा किया गया कि Zomato ने अपने यूजर्स को एक नोटिफिकेशन भेजा था, जिसमें लिखा था, “बिरयानी भेज दूं? 370 रुपये की है बस।”

जैसे ही यह स्क्रीनशॉट इंटरनेट पर वायरल हुआ, लोगों ने इसे मौजूदा विवाद से जोड़कर शेयर करना शुरू कर दिया। https://yourwebsite.com/370-rupees-biryani-vivad-zomato-viral-notification-truth कुछ लोगों ने इसे मजाक के तौर पर लिया, जबकि कई यूजर्स ने इसे गंभीरता से लेते हुए कंपनी की आलोचना भी शुरू कर दी।

हालांकि बाद में पता चला कि यह स्क्रीनशॉट असली नहीं था और सोशल मीडिया पर फर्जी तरीके से फैलाया गया था।

370 रुपये की बिरयानी विवाद पर Zomato की सफाई

कंपनी ने वायरल स्क्रीनशॉट को बताया फेक

370 रुपये की बिरयानी विवाद बढ़ने के बाद Zomato ने सार्वजनिक रूप से बयान जारी किया। कंपनी ने सोशल मीडिया और LinkedIn पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि वायरल हो रहा नोटिफिकेशन पूरी तरह फर्जी है।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसने न तो ऐसा कोई मैसेज तैयार किया और न ही अपने किसी यूजर को भेजा। Zomato ने अपने बयान में एक खास लाइन भी लिखी जिसने लोगों का ध्यान खींचा।

यानी बिरयानी सिर्फ डिनर है, कंसेंट नहीं।

कंपनी का यह बयान कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और कई लोगों ने इसकी सराहना की।

370 रुपये की बिरयानी विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

स्टैंडअप कॉमेडी शो से शुरू हुई बहस

370 रुपये की बिरयानी विवाद की शुरुआत एक स्टैंडअप कॉमेडी शो के वायरल वीडियो से हुई थी। कॉमेडियन प्रनित मोरे के शो के दौरान ऑडियंस में बैठे एक युवक ने अपनी डेटिंग से जुड़ा अनुभव साझा किया।

बातचीत के दौरान उसने 370 रुपये की चिकन बिरयानी का जिक्र किया और कुछ ऐसी टिप्पणियां कीं जिन्हें सोशल मीडिया पर महिलाओं और कंसेंट को लेकर गलत सोच का उदाहरण माना गया।

वीडियो वायरल होते ही इंटरनेट पर भारी प्रतिक्रिया देखने को मिली। लोगों ने कहा कि किसी पर पैसा खर्च करने का मतलब यह नहीं है कि बदले में किसी प्रकार का अधिकार मिल जाता है।

यहीं से “370 रुपये की बिरयानी” इंटरनेट पर एक चर्चित वाक्य बन गया।

370 रुपये की बिरयानी विवाद में मीम्स और फेक कंटेंट की बाढ़

सोशल मीडिया पर वायरल हुए काल्पनिक स्क्रीनशॉट

370 रुपये की बिरयानी विवाद बढ़ने के साथ सोशल मीडिया पर मीम्स और पैरोडी कंटेंट की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने मजाकिया पोस्ट बनाकर शेयर किए। कुछ लोगों ने ब्रांड्स के नाम से काल्पनिक विज्ञापन और फर्जी नोटिफिकेशन भी तैयार कर दिए।

इन्हीं में से एक स्क्रीनशॉट Zomato के नाम से वायरल हुआ, जिसे बाद में कंपनी को सार्वजनिक रूप से खारिज करना पड़ा।

डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल ट्रेंड्स के दौरान फर्जी कंटेंट बहुत तेजी से फैलता है और कई बार लोग उसकी सत्यता जांचे बिना उसे शेयर कर देते हैं।

370 रुपये की बिरयानी विवाद का असर नौकरी तक पहुंचा

विवाद केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। रिपोर्ट्स के अनुसार वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले युवक को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा और बाद में उसकी नौकरी भी चली गई।

वहीं शो के होस्ट कॉमेडियन प्रनित मोरे को भी सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। बाद में उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया और सफाई भी दी।

370 रुपये की बिरयानी विवाद ने फिर छेड़ी कंसेंट पर बहस

सोशल मीडिया पर उठे महत्वपूर्ण सवाल

370 रुपये की बिरयानी विवाद के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा कंसेंट यानी सहमति के मुद्दे पर हुई। कई एक्टर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी डेट पर खर्च किया गया पैसा किसी भी प्रकार की अपेक्षा या अधिकार का आधार नहीं बन सकता।

लोगों ने जोर देकर कहा कि कंसेंट पूरी तरह व्यक्ति की स्वतंत्र इच्छा पर आधारित होता है और उसे किसी डिनर, गिफ्ट या खर्च से जोड़ना गलत है।

इसी संदर्भ में Zomato की लाइन “Biryani is dinner, not consent” भी काफी चर्चा में रही।

370 रुपये की बिरयानी विवाद ने एक बार फिर दिखाया है कि सोशल मीडिया पर कोई भी घटना कितनी तेजी से राष्ट्रीय बहस का विषय बन सकती है। एक वायरल वीडियो, फर्जी स्क्रीनशॉट और मीम्स ने इस मुद्दे को लाखों लोगों तक पहुंचा दिया। साथ ही इस मामले ने कंसेंट, डिजिटल जिम्मेदारी और फेक कंटेंट जैसे अहम विषयों पर भी गंभीर चर्चा को जन्म दिया है।

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