EPFO फेस ऑथेंटिकेशन: OTP और फिंगरप्रिंट की जरूरत खत्म, अब चेहरा दिखाते ही एक्टिव होगा PF Account

EPFO फेस ऑथेंटिकेशन देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेशन प्रक्रिया को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए नई फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा शुरू कर दी है। अब कर्मचारियों को UAN एक्टिवेट करने के लिए न तो OTP का इंतजार करना पड़ेगा और न ही फिंगरप्रिंट स्कैन की परेशानी झेलनी होगी।
नई तकनीक के जरिए सिर्फ चेहरे की पहचान कर UAN को सक्रिय किया जा सकेगा। EPFO का यह कदम डिजिटल सेवाओं को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे उन कर्मचारियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा जो मोबाइल नंबर बदल जाने, OTP न मिलने या बायोमेट्रिक पहचान में समस्या के कारण लंबे समय से परेशान थे।
क्या है EPFO फेस ऑथेंटिकेशन?
EPFO फेस ऑथेंटिकेशन एक आधुनिक पहचान सत्यापन प्रणाली है, जिसके तहत कर्मचारी अपने चेहरे को स्कैन कर UAN एक्टिवेट कर सकते हैं। यह सुविधा UMANG ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है।
अब तक UAN एक्टिवेशन के लिए आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाता था या बायोमेट्रिक सत्यापन की आवश्यकता होती थी। लेकिन कई बार तकनीकी समस्याओं के कारण कर्मचारी अपना UAN सक्रिय नहीं कर पाते थे। नई फेस रिकग्निशन तकनीक इन सभी समस्याओं का समाधान लेकर आई है।
UAN एक्टिवेशन क्यों है जरूरी?
UAN यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर EPFO सेवाओं का मुख्य आधार है। इसके जरिए कर्मचारी अपने PF बैलेंस की जांच, पासबुक डाउनलोड, क्लेम स्टेटस ट्रैक और ऑनलाइन निकासी जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
इसलिए UAN का सक्रिय होना बेहद जरूरी माना जाता है।
EPFO फेस ऑथेंटिकेशन से किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
EPFO फेस ऑथेंटिकेशन विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए फायदेमंद साबित होगा जिन्हें OTP या बायोमेट्रिक सत्यापन में परेशानी आती थी।
कई बार कर्मचारियों का आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर बंद हो जाता है या बदल जाता है। ऐसे में OTP प्राप्त नहीं हो पाता और UAN एक्टिवेशन रुक जाता है। अब केवल चेहरे की पहचान से यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
बुजुर्ग कर्मचारियों को मिलेगी राहत
बढ़ती उम्र या कठिन शारीरिक श्रम करने वाले कर्मचारियों के फिंगरप्रिंट कई बार मशीन में सही तरीके से मैच नहीं होते। ऐसे मामलों में EPFO फेस ऑथेंटिकेशन एक बेहतर विकल्प साबित होगा।
अब कर्मचारियों को सिर्फ कैमरे के सामने चेहरा दिखाना होगा और उनकी पहचान सत्यापित हो जाएगी।
EPFO फेस ऑथेंटिकेशन कितना सुरक्षित है?
EPFO ने इस नई सुविधा को अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों के साथ तैयार किया है। EPFO फेस ऑथेंटिकेशन को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की लाइव फेस रिकग्निशन तकनीक से जोड़ा गया है।
इसका मतलब है कि केवल वास्तविक व्यक्ति का चेहरा ही सत्यापित होगा। कोई भी व्यक्ति फोटो या वीडियो दिखाकर इस सिस्टम को धोखा नहीं दे सकता।
फोटो और वीडियो से नहीं होगा फ्रॉड
नई प्रणाली में लाइव फेस डिटेक्शन तकनीक का उपयोग किया गया है। यह तकनीक व्यक्ति के चेहरे की वास्तविक गतिविधियों को पहचानती है।
इसलिए किसी की तस्वीर या रिकॉर्डेड वीडियो का उपयोग करके PF खाते तक पहुंच बनाना संभव नहीं होगा। इससे कर्मचारियों के PF फंड की सुरक्षा और मजबूत हो जाएगी।
EPFO फेस ऑथेंटिकेशन का उपयोग कैसे करें?
EPFO फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा का लाभ उठाने के लिए कर्मचारियों को कुछ आसान चरणों का पालन करना होगा।
स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
- अपने स्मार्टफोन में UMANG ऐप डाउनलोड करें।
- गूगल प्ले स्टोर से Aadhaar FaceRD ऐप इंस्टॉल करें।
- UMANG ऐप में EPFO सेवाओं का चयन करें।
- UAN एक्टिवेशन विकल्प पर क्लिक करें।
- चेहरे की लाइव स्कैनिंग पूरी करें।
- सत्यापन सफल होते ही UAN सक्रिय हो जाएगा।
यह पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी की जा सकती है।
डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
EPFO फेस ऑथेंटिकेशन को डिजिटल इंडिया अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे करोड़ों कर्मचारियों को तेज, सुरक्षित और आसान डिजिटल सेवाएं मिलेंगी।
EPFO लगातार अपनी सेवाओं को ऑनलाइन और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में काम कर रहा है। फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा न केवल तकनीकी बाधाओं को कम करेगी, बल्कि कर्मचारियों के समय और मेहनत की भी बचत करेगी।
आने वाले समय में यह सुविधा EPFO की सबसे उपयोगी डिजिटल सेवाओं में से एक साबित हो सकती है। विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए जो लंबे समय से OTP और बायोमेट्रिक संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे।

