Duleep Trophy 2026: ईशान किशन की कप्तानी में East Zone चैंपियन, 13 साल बाद खत्म हुआ इंतजार
Duleep Trophy 2026 में ईशान किशन की कप्तानी वाली East Zone ने शानदार प्रदर्शन करते हुए South Zone को पहली पारी की बढ़त के आधार पर हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए फाइनल में East Zone ने बल्ले और गेंद दोनों से दमदार प्रदर्शन किया। BCCI के अनुसार, 2026-27 सत्र का फाइनल 6 से 10 सितंबर के बीच चेन्नई में खेला गया था।
East Zone के लिए यह जीत खास रही, क्योंकि टीम ने लंबे अंतराल के बाद Duleep Trophy पर कब्जा किया। कप्तान ईशान किशन ने फाइनल में बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया, जबकि युवा वैभव सूर्यवंशी ने भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और मैदान पर आत्मविश्वास से सभी का ध्यान खींचा।
Duleep Trophy 2026 में East Zone की शानदार जीत
फाइनल में East Zone ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विशाल स्कोर खड़ा किया और शुरुआत से ही मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। ईशान किशन ने बड़ी पारी खेलकर टीम को मजबूत आधार दिया। BCCI की आधिकारिक कवरेज में ईशान की 270 रन की शानदार पारी को फाइनल की बड़ी पारियों में शामिल किया गया है।
ईशान की इस पारी के अलावा कुमार कुशाग्र ने भी शतक लगाकर टीम के स्कोर को और मजबूत किया। शिखर मोहन ने अपने Duleep Trophy डेब्यू पर 85 रन की उपयोगी पारी खेली। BCCI की वीडियो कवरेज में भी शिखर मोहन की 85 रन की पारी को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।
पहली पारी में East Zone का दबदबा
East Zone ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े स्कोर ने South Zone पर शुरुआत से ही दबाव बना दिया। South Zone की ओर से कप्तान तिलक वर्मा ने संघर्ष करते हुए 99 रन बनाए, जबकि देवदत्त पडिक्कल ने 62 रन की पारी खेली।
हालांकि South Zone के बल्लेबाज East Zone के विशाल स्कोर के आसपास भी नहीं पहुंच सके और उनकी पहली पारी 336 रन पर सिमट गई। इस तरह East Zone को 372 रन की बड़ी पहली पारी की बढ़त मिली।
यही बढ़त आखिर में मैच का फैसला करने वाली साबित हुई।
गेंदबाजों ने भी निभाई अहम भूमिका
East Zone की बल्लेबाजी जितनी प्रभावशाली रही, गेंदबाजों ने भी उतनी ही जिम्मेदारी निभाई। मुकेश कुमार ने पहली पारी में 3 विकेट लेकर South Zone के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। मोहम्मद शमी ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए दो विकेट हासिल किए।
South Zone के बल्लेबाजों को लगातार विकेट गंवाने के कारण बड़े स्कोर तक पहुंचने का मौका नहीं मिला। पहली पारी में 372 रन की बढ़त हासिल करने के बाद East Zone की स्थिति बेहद मजबूत हो गई थी।
दूसरी पारी में भी ईशान किशन का जलवा
पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने के बावजूद East Zone ने दूसरी पारी में भी आक्रामक अंदाज जारी रखा। टीम ने 388/7 के स्कोर पर पारी घोषित कर दी।
ईशान किशन ने दूसरी पारी में भी तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए 80 रन बनाए। इस तरह उन्होंने फाइनल में दोनों पारियों को मिलाकर शानदार रन बनाए और अपनी बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।
BCCI की आधिकारिक वीडियो कवरेज में भी ईशान की 80 रन की पारी को प्रमुखता दी गई है।
कुरैशी ने जड़ा शानदार शतक
East Zone की दूसरी पारी में एमडी कौनेन कुरैशी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने फर्स्ट-क्लास करियर का यादगार शतक लगाते हुए नाबाद 116 रन बनाए।
कुरैशी ने अनुकूल रॉय के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की और East Zone की कुल बढ़त को और मजबूत किया। उनकी बल्लेबाजी ने South Zone के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
यह प्रदर्शन कुरैशी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से टीम के अभियान में योगदान दिया।
वैभव सूर्यवंशी ने भी छोड़ी छाप
सिर्फ 15 साल की उम्र में Duleep Trophy के फाइनल में खेलने वाले वैभव सूर्यवंशी ने भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। BCCI की आधिकारिक टीम सूची में वैभव को East Zone का उपकप्तान बताया गया था।
फाइनल में उन्होंने पहली पारी में तेज 44 रन बनाकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ नजर आई।
वैभव ने मैदान पर अपनी क्रिकेट समझ से भी प्रभावित किया। DRS से जुड़े एक फैसले में उनकी सक्रियता ने टीम को विकेट हासिल करने में मदद की। BCCI ने भी ईशान, वैभव और शमी के DRS फैसले को अपनी आधिकारिक कवरेज में शामिल किया।
East Zone की टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का तालमेल
East Zone की इस सफलता में सिर्फ एक या दो खिलाड़ियों का योगदान नहीं रहा। टीम में ईशान किशन और मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी खिलाड़ी थे, वहीं वैभव सूर्यवंशी और कौनेन कुरैशी जैसे युवा खिलाड़ियों ने भी अपनी क्षमता दिखाई।
BCCI की घोषित टीम में ईशान किशन को कप्तान और विकेटकीपर, वैभव को उपकप्तान तथा मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार को टीम का हिस्सा बनाया गया था। कौनेन कुरैशी ने बाद में शाहबाज अहमद की जगह टीम में जगह बनाई थी।
13 साल बाद East Zone का बड़ा जश्न
फाइनल में पहली पारी की बढ़त हासिल करने के बाद East Zone के खिलाड़ी बेहद उत्साहित नजर आए। मुकाबले के अंत में टीम के खिलाड़ियों ने मैदान पर जश्न मनाया। ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी समेत कई खिलाड़ी स्टंप लेकर जश्न मनाते नजर आए।
Duleep Trophy 2026 की यह जीत East Zone के लिए घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट में बड़ी उपलब्धि है। ईशान किशन की कप्तानी, 270 रन की बड़ी पारी, गेंदबाजों का अनुशासित प्रदर्शन और युवा खिलाड़ियों की ऊर्जा ने टीम को खिताब तक पहुंचाया।
BCCI ने टूर्नामेंट को भारतीय घरेलू क्रिकेट सत्र के प्रमुख रेड-बॉल आयोजनों में शामिल बताया था और 2026-27 संस्करण में छह जोन—North, South, East, West, Central और North East—ने हिस्सा लिया।
इस तरह East Zone ने फाइनल में अपने दमदार प्रदर्शन के साथ खिताब अपने नाम किया और टीम के खिलाड़ियों ने लंबे समय से चले आ रहे इंतजार को यादगार जीत के साथ खत्म किया।

