Punjab

अमित शाह का बयान: “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की परिकल्पना आज साकार”

राज्यसभा में बुधवार को हुई चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा व्यक्त सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का विचार आज पूरे राष्ट्र द्वारा स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विचार भले देर से व्यापक रूप से प्रकट हुआ हो, लेकिन अब देश एक साझा सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय आत्मगौरव के साथ आगे बढ़ रहा है।

अमित शाह ने बताया कि भारत की सभ्यता–संस्कृति हजारों वर्षों पुरानी है और इसकी जड़ें हमेशा से मजबूत रही हैं। उनके अनुसार, विकास मॉडल तभी सार्थक माना जाता है जब उसमें सांस्कृतिक मूल्यों का समावेश हो। गृह मंत्री ने संसद में मौजूद सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश की नीतियों और दिशा में भारतीयता की स्पष्ट झलक दिखती है, और यह परिवर्तन देश के आत्मविश्वास को मजबूत कर रहा है।

शाह ने यह भी उल्लेख किया कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद किसी वर्ग, भाषा या धर्म के विरुद्ध नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता की भावना को मजबूत करने वाला विचार है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक मंच पर जिस तेजी से उभर रहा है, उसके पीछे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव ही सबसे बड़ी शक्ति है।

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह भाव और अधिक व्यापक होगा और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *