Punjab

सीएम योगी के निर्देश पर शहरों में बढ़ी पहचान प्रक्रिया, लखनऊ में भी शुरू हुआ SIR सर्वे

उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठियों की पहचान को लेकर तेज हुई गतिविधियों के बीच SIR सर्वे अब राजधानी लखनऊ तक पहुंच गया है। प्रयागराज में शुरू हुई यह प्रक्रिया अब अन्य जिलों में भी लागू की जा रही है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, लखनऊ में नगर निगम के कचरा प्रबंधन और सफाई कार्य से जुड़े श्रमिकों का विस्तृत ब्योरा यूपी एटीएस द्वारा मांगा गया है।

नगर निगम से जुड़े ठेकेदारों और सुपरवाइज़रों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहां कार्यरत सभी मजदूरों के मोबाइल नंबर, पहचान पत्र, पते और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा कराएं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई प्रशासन की उस सतर्कता का हिस्सा है, जिसके तहत प्रदेश में लंबे समय से रह रहे संदिग्ध व्यक्तियों की प्रोफाइलिंग की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, कई क्षेत्रों में एटीएस टीम ने स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठकों का दौर भी शुरू किया है, ताकि मजदूरों और कर्मचारियों के सत्यापन को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। नगर निगम के संबंधित विभागों ने भी सभी ठेकेदारों को निर्देश जारी करते हुए जानकारी समय पर उपलब्ध कराने को कहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विभिन्न नागरिक सेवाओं में लगे कार्मिकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। हालांकि, इस कवायद को लेकर मजदूरों के बीच उत्सुकता और सवाल भी बढ़े हैं, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि यह महज एक नियमित सत्यापन प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य रिकॉर्ड को अपडेट रखना है।

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