क्या अफगानिस्तान पाकिस्तान में तालिबानी शासन चाहता है?
क्या अफगानिस्तान पाकिस्तान में तालिबानी शासन चाहता है?
वंदे भारत 24-: पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से होने वाली वार्ता में अफगानिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मंत्री ने मध्यस्थ बनने से इनकार कर दिया है. इस वजह से आतंकवादी संगठन और पाकिस्तानी सरकार के बीच होने वाली वार्ता होने के पहले ही टूट गई है.
इसके बाद पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मंत्री ने अफगानिस्तान पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को शरण देने के गंभीर आरोप लगाए हैं. जिसके जवाब में अफगानिस्तान के तालिबान सरकार ने कहा है कि वह ऐसी खतरनाक लोगों को पाकिस्तानी सीमा से दूर बसाने की योजना बना रहे हैं.

पाकिस्तान में आतंक का पर्याय बन चुके आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और पाकिस्तान सरकार के बीच अफगनिस्तान में मौजूद तालिबान सरकार के कार्यवाहक आंतरिक मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे. इसके चलते आतंकवादी संगठन और पाकिस्तानी सरकार के बीच वार्ता की शर्तों पर निर्णय होना था. पाकिस्तान सरकार चाहती थी कि आतंकवादी संगठन हथियार डालकर वार्ता करे. जवाब में आतंकवादी संगठन ने कहा था कि वार्ता की शर्तें क्या होगी यह निर्णय आतंकवादी संगठन लेगा. आतंकवादी संगठन और पाकिस्तानी सरकार के बीच इस रस्साकशी के चलने के कारण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे सिराजुद्दीन हक्कानी ने सरकार और आतंकवादी संगठन दोनों के बीच गारंटर की भूमिका निभाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद यह वार्ता शुरू होने से पहले ही टूट गई.

वार्ता अंजाम तक नहीं पहुंच पाई. इसके चलते पाकिस्तानी सरकार और आतंकवादी संगठन दोनों ने अपने-अपने बयान जारी किए हैं. आतंकवादी संगठन ने कहा है कि वह पाकिस्तान में वास्तविक शांति चाहता है और सार्थक वार्ता में विश्वास करता है लेकिन हथियार नहीं डालेगा. आतंकवादी संगठन ने इनकार किया है कि अब तक उसकी और सरकार के बीच कोई बातचीत हुई थी. उधर पाकिस्तान ने भी स्पष्ट तौर पर कहा है कि हथियार डालकर आत्मसमर्पण करने वाले लोगों का स्वागत है. साथ ही उन्हें इसकी ठोस गारंटी भी चाहिए. ठोस गारंटी के बिना की गई बातचीत निरर्थक साबित होगी. क्योंकि इसके पहले भी आतंकवादी संगठन अपनी बातों से मुकर चुका है. आतंकवादी संगठन से होने वाली वार्ता पर पाकिस्तानी सरकार द्वारा रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था. हालांकि अभी तक कमेटी की कोई बैठक नहीं हुई.
