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Food Warnings: FSSAI ने फूड लेबलिंग पर कसा शिकंजा, पैकेट पर साफ वार्निंग और सही जानकारी पर जोर

Food Warnings: पैकेज्ड फूड को लेकर उपभोक्ताओं की जागरूकता और पब्लिक हेल्थ सेफ्टी पर फोकस बढ़ने के बीच भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की ओर से फूड लेबलिंग, डिस्प्ले, विज्ञापन और दावों से जुड़े नियमों पर जोर दिया जा रहा है। FSSAI की ओर से खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों के लिए इन नियमों को समझाने और अनुपालन बेहतर बनाने के उद्देश्य से ट्रेनिंग गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, Food Safety and Standards (Labelling and Display) Regulations, 2020 में समय-समय पर संशोधन किए गए हैं। इस नियम में 2025 और 2026 में भी बदलाव दर्ज किए गए हैं।

ऐसे में पैकेज्ड फूड खरीदने वाले लोगों के लिए लेबल पर दी गई जानकारी को समझना और सही विकल्प चुनना पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।

Food Warnings को लेकर क्यों बढ़ रहा है फोकस?

पैकेज्ड फूड के लेबल पर मौजूद जानकारी उपभोक्ता को यह समझने में मदद करती है कि किसी उत्पाद में कौन-कौन से ingredients इस्तेमाल हुए हैं, उसकी nutritional value क्या है और उसे किस तरह स्टोर या इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

FSSAI के अनुसार, प्री-पैकेज्ड फूड के लेबल पर खाद्य पदार्थ का नाम, ingredients की सूची, nutritional information, veg या non-veg declaration, additives, निर्माता का नाम-पता, net quantity, batch/lot number और date marking जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध होनी चाहिए।

यही वजह है कि Food Warnings और स्पष्ट फूड लेबलिंग को लेकर चर्चा लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। उपभोक्ता पैकेट खरीदने से पहले यदि लेबल को ध्यान से पढ़ता है तो वह उत्पाद से जुड़ी जरूरी जानकारी समझ सकता है।

पैकेज्ड फूड के सामने साफ जानकारी क्यों जरूरी?

कई पैकेज्ड फूड ऐसे होते हैं जिनमें नमक, शुगर या फैट की मात्रा अधिक हो सकती है। ऐसे में उत्पाद के nutritional profile को आसानी से समझ पाना उपभोक्ता के लिए महत्वपूर्ण है।

फ्रंट-ऑफ-पैक यानी पैकेट के सामने दिखाई देने वाली जानकारी को लेकर भी सार्वजनिक स्वास्थ्य के नजरिए से बहस चलती रही है। उद्देश्य यह है कि उपभोक्ता को जरूरी जानकारी पैकेट के पीछे छोटे अक्षरों में खोजने के बजाय सामने ही आसानी से मिल सके।

Food Warnings का मकसद केवल चेतावनी देना नहीं, बल्कि उपभोक्ता को informed choice लेने में मदद करना भी है। खासकर बच्चों और परिवारों के लिए खरीदे जाने वाले पैकेज्ड फूड में nutritional information को समझना काफी अहम हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में भी उठा Front-of-Pack Warning का मुद्दा

पैकेज्ड फूड पर Front-of-Pack Warning Labels का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने भी आया है। अप्रैल 2025 के एक आदेश में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर याचिका में पैकेज्ड फूड के लिए Front-of-Package Warning Labels से जुड़े निर्देशों की मांग दर्ज की गई थी।

इससे यह साफ है कि पैकेज्ड फूड की लेबलिंग और उपभोक्ता स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी केवल इंडस्ट्री का regulatory मुद्दा नहीं है, बल्कि इसे व्यापक public health concern के रूप में भी देखा जा रहा है।

हालांकि, किसी प्रस्तावित या विचाराधीन warning framework को मौजूदा अनिवार्य नियम मान लेना सही नहीं होगा। किसी नए लेबल या चेतावनी की बाध्यता के लिए संबंधित सरकारी अधिसूचना और FSSAI के अंतिम नियम देखना जरूरी है।

Food Warnings: FSSAI के नियमों में क्या-क्या शामिल है?

FSSAI के Labelling and Display Regulations में अलग-अलग खाद्य पदार्थों के लिए अलग-अलग labeling requirements निर्धारित हैं। कुछ उत्पादों के लिए विशेष warning या declaration भी अनिवार्य है।

उदाहरण के तौर पर मौजूदा regulations में Pan Masala के लिए स्वास्थ्य संबंधी warning declaration का प्रावधान है। इसी तरह कुछ sweeteners से जुड़े उत्पादों के लिए भी विशेष declarations निर्धारित हैं।

इसलिए हर पैकेज्ड फूड के लिए एक जैसी warning लागू नहीं होती। उत्पाद की category और लागू regulations के आधार पर labeling requirements अलग हो सकती हैं।

विज्ञापन और Claims पर भी FSSAI की नजर

फूड लेबलिंग के साथ-साथ विज्ञापन और food claims भी महत्वपूर्ण हैं। किसी उत्पाद को healthy, nutritious या किसी विशेष health benefit से जोड़कर प्रचारित करते समय लागू नियमों का पालन करना जरूरी है।

FSSAI की ओर से Food Safety and Standards (Advertising and Claims) Regulations से जुड़े नियम भी उपलब्ध हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद्य उत्पादों के विज्ञापनों और claims के जरिए उपभोक्ताओं को भ्रामक जानकारी न मिले।

ऐसे में Food Warnings के साथ सही nutritional information और advertising claims भी consumer awareness का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

उपभोक्ताओं को पैकेट खरीदते समय क्या देखना चाहिए?

पैकेज्ड फूड खरीदते समय उपभोक्ताओं को केवल ब्रांड या आकर्षक विज्ञापन देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। पैकेट पर ingredients, nutritional information, net quantity और date marking जैसी जानकारी को जरूर देखना चाहिए।

इसके अलावा FSSAI logo और license number, जहां लागू हो, उसकी भी जांच की जा सकती है। अगर किसी उत्पाद पर कोई विशेष warning या declaration दी गई है तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

खासकर बच्चों के लिए खाद्य पदार्थ खरीदते समय parents को nutritional information ध्यान से पढ़नी चाहिए।

Food Warnings का उद्देश्य उपभोक्ता को जागरूक करना

फूड लेबलिंग का मूल उद्देश्य उपभोक्ता तक सही और जरूरी जानकारी पहुंचाना है। जैसे-जैसे packaged food का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे स्पष्ट labeling और consumer awareness की जरूरत भी बढ़ रही है।

FSSAI की ओर से labeling, display, advertising और claims से जुड़े नियमों पर प्रशिक्षण और जागरूकता गतिविधियां इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। FSSAI की आधिकारिक regulations में 2026 तक कई संशोधन भी दर्ज हैं, इसलिए food businesses के लिए updated requirements को समझना जरूरी है।

आने वाले समय में Food Warnings और nutritional transparency को लेकर नियमों और public-health discussions पर नजर बनी रहेगी। उपभोक्ताओं के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि किसी भी पैकेज्ड फूड को खरीदने से पहले उसका लेबल पढ़ें, nutritional information समझें और केवल विज्ञापन के आधार पर खरीदारी का फैसला न करें।

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