12 जिलों में तेज बारिश, लुधियाना में 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, 250 झुग्गियां डूबीं
वंदे भारत-पंजाब में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। बुधवार रात और गुरुवार को राज्य के 12 जिलों में जोरदार बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार लुधियाना में 50 साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहां पांच जुलाई को 82.6 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।इससे पहले 1972 में पांच जुलाई को 57.5 एमएम बारिश हुई थी। बारिश के कारण लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, बठिंडा, पटियाला समेत कई बड़े शहरों की सड़कों में पानी भर गया।
पठानकोट में पुल पार करते हुए स्कूटी समेत बहे 77 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। वहीं, लुधियाना में अवरोध टूटने से बुड्ढा नाले में उफान के कारण करीब 250 झुग्गियां पूरी तरह डूब गईं। मौसम विभाग ने शुक्रवार से अगले तीन दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इसके अनुसार पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में आंधी के साथ भारी बारिश होगी। पठानकोट में गुरुवार को तेज बारिश से लमीनी गांव में पानी खड्डी पुल के ऊपर से बहने लगा। दोपहर करीब एक बजे ढाकी निवासी हरि सिंह स्कूटी पर सवार होकर पुल पार कर रहे थे। जैसे ही वह आधे रास्ते में पहुंचे तो पानी का बहाव और तेज हो गया। उनकी स्कूटी अनियंत्रित हो गई और वह स्कूटी समेत बह गए।

स्थानीय युवकों ने उन्हें बाहर निकाला लेकिन बुजुर्ग ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। राज्य में गुरुवार को दिन में सबसे अधिक 45.0 एमएम बारिश अमृतसर में रिकॉर्ड की गई। सुबह साढ़े आठ बजे तक लुधियाना में 103.2 एमएम, अमृतसर में 17.0, पटियाला में 21.3, गुरदासपुर में 89.3, नवांशहर में 90.5, जालंधर में 47.0, रोपड़ में 64.0, फिरोजपुर में 40.5 एमएम की बारिश हुई।
जान बचाकर निकले झुग्गियों में रहने वाले, सड़क पर गुजारी रात
लुधियाना में बुधवार को करीब पांच घंटे की बारिश के बाद देर शाम को बुड्ढा नाला में उफान के कारण ताजपुर रोड स्थित मच्छी मंडी के साथ बनी करीब 250 झुग्गियां पानी में डूब गईं। लोग जान बचाकर सड़क तक पहुंचे और सामान समेटना शुरू किया। उन्हें सारी रात सड़क पर खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ी। इसके बाद नगर निगम की टीम जलबूटी निकालने में जुट गई। दो साल पहले नाला उफान पर पहुंच गया था तो उस समय प्रशासन ने नाले के दोनों ओर पक्के अवरोध बना दिए थे, उफान से इसका एक हिस्सा टूट गया। झुग्गियां सड़क से सात फुट नीचे बनी हुई हैं। विधायक दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, डीसी सुरभि मलिक और नगर निगम कमिश्नर शेना अग्रवाल ने नाले का जायजा लिया और नाले की नियमित सफाई के लिए पोकलेन व जेसीबी मशीनें तैनात की। आपात स्थिति के लिए निगम प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर 0161-2749120 नंबर जारी किया।

रणजीत सागर डैम का जलस्तर 36 सेंटीमीटर बढ़ा, अलर्ट जारी
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश से रणजीत सागर बांध का जलस्तर गुरुवार को 36 सेंटीमीटर बढ़ गया। चीफ इंजीनियर सरदार शेर सिंह व प्रोजेक्ट मंडल के एक्सईएन गगनदीप सिंह अनुसार झील में जलस्तर 512.48 मीटर था, जो बढ़कर 512.84 मीटर तक पहुंच गया है। निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को रावी नदी के किनारे जाने के लिए रोका जा रहा है।
अमृतसर, जालंधर, मोगा व बठिंडा में सड़कों पर एक मीटर तक पानी
अमृतसर, जालंधर, बठिंडा और मोगा में बारिश के कारण शहर की सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं। सड़कों पर एक मीटर तक पानी जमा हो गया। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मोगा के जीटी रोड, न्यू टाउन, मेन बाजार में ट्रैफिक ठप हो गया। बठिंडा में भी शहर के प्रमुख इलाकों में पानी भर गया। अमृतसर व जालंधर के पॉश इलाकों में भी सड़कों पर देर शाम तक पानी खड़ा रहा।
