Punjab

जालंधर नगर निगम को 35 साल बाद 1196 सफाई सेवकों की ऐतिहासिक मंज़ूरी – शहर में साफ़-सफाई व्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा

जालंधर में नगर निगम की तीन दशकों से अधिक समय से लंबित मांग आखिरकार पूरी हो गई है। लोकल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट ने शहर की सफाई व्यवस्था को मज़बूत बनाने के लिए 1196 नई भर्तियों को स्वीकृति दे दी है। यह निर्णय शहर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि वर्षों से बढ़ती आबादी और फैलते शहर के बावजूद निगम को पर्याप्त मानव संसाधन नहीं मिल पा रहा था। नई मंज़ूरी के तहत सफाई सेवक, सीवरमैन, मालियाँ और फिटर कुली जैसी महत्वपूर्ण कैटेगरी में रिक्त पदों को भरा जाएगा, जिससे ज़मीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।

इस पूरे प्रोसेस को आगे बढ़ाने में जालंधर सेंट्रल हलका इंचार्ज नितिन कोहली की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चंडीगढ़ में लगातार मीटिंग कीं और संबंधित विभागों के साथ निरंतर फॉलो-अप किया। उनके साथ मेयर वनीत धीर, सफाई यूनियन पंजाब के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल और निगम कमिश्नर सदीप ऋषि ने मिलकर डाक्यूमेंटेशन और एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस को पूरा किया। अंततः लोकल गवर्नमेंट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने औपचारिक स्वीकृति जारी की।

मेयर वनीत धीर ने इस मंज़ूरी को जालंधर के लिए बेहद ज़रूरी बताया और कहा कि लंबे समय से शहर को आवश्यक मानव संसाधन नहीं मिल पाए थे। उन्होंने विशेष तौर पर उल्लेख किया कि लगातार कोशिशों और मजबूत फॉलो-अप की बदौलत ही यह मंज़ूरी संभव हो पाई।

नितिन कोहली ने कहा कि उनका लक्ष्य जालंधर को साफ़, आधुनिक और बेहतर सुविधाओं वाला शहर बनाना है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब सरकार की प्रगतिशील सोच का नतीजा बताया। उनका मानना है कि नए कर्मचारियों की भर्ती से सफाई, सीवेज मैनेजमेंट और शहर की सुंदरता में बड़ा सुधार दिखेगा।

यह फैसला जालंधर में सफाई व्यवस्था के एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिसका सकारात्मक असर आने वाले महीनों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

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