नवजोत कौर सिद्धू का कांग्रेस पर निशाना: “भ्रष्ट लोगों का समर्थन नहीं कर सकती
पटियाला (पंजाब)। कांग्रेस से निलंबन के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी नेतृत्व पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य अध्यक्ष द्वारा भेजा गया कानूनी नोटिस ‘‘विश्वसनीयता से रहित’’ है और यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित लगती है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लगातार संपर्क में हैं और उनकी जानकारी के बिना उनके खिलाफ कोई कदम उठाया जाना समझ से परे है।
नवजोत कौर सिद्धू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह सिद्धांतों से समझौता करने वालों में से नहीं हैं और यदि पार्टी के भीतर कुछ लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, तो वह उनका समर्थन नहीं कर सकतीं। उनके अनुसार, कांग्रेस की जड़ें मजबूत करने के लिए आवश्यक है कि संगठन उन व्यक्तियों से दूरी बनाए जो पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर कुछ ऐसे चेहरे सक्रिय हैं जिनकी गतिविधियाँ न केवल संगठन के हितों के खिलाफ हैं, बल्कि लोगों के बीच कांग्रेस की विश्वसनीयता को भी कमजोर कर रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल के महीनों में पार्टी के भीतर अनुशासन की स्थिति कमजोर हुई है और कई निर्णय बिना समुचित विचार-विमर्श के लिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी के लिए काम करने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं की आवाज़ को दबाने से नुकसान ही होगा, लाभ नहीं। नवजोत कौर सिद्धू ने यह स्पष्ट किया कि वह किसी व्यक्तिगत पद या लाभ की आकांक्षी नहीं हैं, बल्कि चाहती हैं कि कांग्रेस अपनी मूल विचारधारा पर कायम रहे और उन तत्वों से दूरी बनाए जो उसके लिए हानिकारक हैं।
उनकी इस प्रतिक्रिया ने पंजाब कांग्रेस में चल रहे अंदरूनी तनाव को एक बार फिर उजागर कर दिया है। अब देखना यह होगा कि पार्टी आलाकमान इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और आगामी राजनीतिक घटनाक्रम किस दिशा में बढ़ते हैं।

