बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद शुक्रवार को आरजेडी की पहली समीक्षा बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने की
16… jan..बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने शुक्रवार को अपनी पहली समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने की। इस दौरान पार्टी की चुनावी रणनीति, संगठनात्मक कमजोरियों और भविष्य की दिशा पर विस्तार से चर्चा हुई।बैठक में तेजस्वी यादव ने चुनाव परिणामों को लेकर पार्टी नेताओं से खुलकर आत्ममंथन करने को कहा। उन्होंने माना कि जनता का फैसला स्वीकार करते हुए पार्टी को अपनी कमियों को पहचानना होगा और आगे की रणनीति उसी आधार पर तय करनी होगी।समीक्षा बैठक में नेताओं ने चुनावी हार के कई कारण गिनाए। इनमें संगठनात्मक ढांचे की कमजोरी, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता में कमी, चुनावी मुद्दों को प्रभावी ढंग से जनता तक न पहुंचा पाना और गठबंधन समन्वय की चुनौतियां प्रमुख रहीं।तेजस्वी यादव ने कहा कि पार्टी को बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने और उनकी समस्याओं को गंभीरता से उठाने का निर्देश दिया।बैठक में यह भी तय किया गया कि आरजेडी विपक्ष की भूमिका को और अधिक आक्रामक व जिम्मेदार तरीके से निभाएगी। सरकार की नीतियों और वादों पर कड़ी नजर रखते हुए जनता से जुड़े मुद्दों को विधानसभा और सड़क दोनों पर उठाया जाएगा।आरजेडी नेतृत्व ने आने वाले समय में युवा, किसान, मजदूर और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने का फैसला किया। साथ ही डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।बैठक के अंत में तेजस्वी यादव ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि हार से सीख लेकर आरजेडी एक बार फिर मजबूती से जनता के बीच जाएगी और विश्वास हासिल करेगीतेजस्वी यादव ने कहा कि पार्टी को बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने और उनकी समस्याओं को गंभीरता से उठाने का निर्देश दिया।

