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चंडीगढ़ सेक्टर-9 मर्डर केस: प्रॉपर्टी विवाद में ADGP की भाभी पर कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का आरोप

चंडीगढ़ सेक्टर-9 मर्डर केस ने ट्राइसिटी को हिलाया

चंडीगढ़ सेक्टर-9 मर्डर केस ने पूरे ट्राइसिटी इलाके में सनसनी फैला दी है। दिनदहाड़े हुए इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में प्रॉपर्टी डीलर Chamanpreet Singh उर्फ चिन्नी कुबाहेड़ी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुरुआत में इसे गैंगवार या निजी दुश्मनी का मामला माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए खुलासों ने केस को पूरी तरह बदल दिया।

पुलिस के मुताबिक इस मामले की मास्टरमाइंड Amreen Rai निकली, जो पंजाब के एक एडीजीपी की भाभी बताई जा रही है। जांच में सामने आया कि करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी डील को लेकर शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे कॉन्ट्रैक्ट किलिंग तक पहुंच गया।

H2: प्रॉपर्टी विवाद से शुरू हुई खूनी साजिश

पुलिस जांच में पता चला कि अमरीन राय ने न्यू चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी खरीदने के दौरान खुद को ठगा हुआ महसूस किया। उसका आरोप था कि चमनप्रीत सिंह ने उसे महंगे दामों पर जमीन बेची और बाद में कब्जा भी नहीं दिलवाया।/chandigarh-sector-9-murder-case-amreen-rai-property-dispute इसी विवाद ने धीरे-धीरे खतरनाक रूप ले लिया।

जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी गुस्से में अमरीन ने चमनप्रीत को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में और लोग भी शामिल थे।

गैंगस्टर कनेक्शन ने बढ़ाई सनसनी

चंडीगढ़ सेक्टर-9 मर्डर केस में सबसे बड़ा खुलासा गैंगस्टर लिंक को लेकर हुआ। पुलिस के अनुसार अमरीन राय ने गैंगस्टर Lucky Patial के जरिए हत्या की साजिश रची। इस पूरी साजिश में मोहाली के प्रॉपर्टी डीलर Harshpreet Singh ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

बताया जा रहा है कि एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए आरोपियों के बीच बातचीत हुई और हत्या के बदले मोटी रकम देने की डील तय की गई। पुलिस इस डिजिटल कम्युनिकेशन की फॉरेंसिक जांच भी कर रही है।

जिम के बाहर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक 18 मार्च को दोनों शूटर पहले से जिम के बाहर मौजूद थे। उन्होंने इलाके की रेकी की और जैसे ही चमनप्रीत सिंह बाहर निकले, उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमला इतना तेज था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

इस चंडीगढ़ सेक्टर-9 मर्डर केस में पुलिस को एक अहम सफलता तब मिली जब बरामद पिस्टल अमरीन राय के नाम पर रजिस्टर्ड पाई गई। इसके बाद पुलिस ने मामले को कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और गैंगस्टर नेटवर्क से जोड़कर जांच तेज कर दी।

ट्राइसिटी में बढ़ता प्रॉपर्टी और गैंगस्टर नेटवर्क

यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर ट्राइसिटी में प्रॉपर्टी कारोबार और गैंगस्टर नेटवर्क का गठजोड़ कितना गहरा हो चुका है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि चंडीगढ़, मोहाली और न्यू चंडीगढ़ में तेजी से बढ़ते प्रॉपर्टी कारोबार के साथ आपराधिक नेटवर्क भी सक्रिय हो रहे हैं। यही कारण है कि पुलिस अब इस केस को केवल हत्या नहीं, बल्कि बड़े नेटवर्क के रूप में देख रही है।

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