भगवान भरोसे छोड़ा गया मेरा बेटा”
24..jan..इंजीनियर युवराज की दर्दनाक मौत के बाद उसके पिता का बयान सामने आया है, जिसने व्यवस्था की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गमगीन पिता ने कहा कि जिम्मेदारों ने उनके बेटे को भगवान भरोसे छोड़ दिया, जबकि वह करीब दो घंटे तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करता रहा।.पिता ने बताया कि हादसे के बाद युवराज पूरी तरह होश में था और मदद के लिए गुहार लगा रहा था। अगर समय पर सही इलाज और राहत मिल जाती, तो शायद आज उनका बेटा जीवित होता। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद जिम्मेदार एजेंसियों और प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई और आपसी तालमेल की कमी के कारण कीमती समय बर्बाद हो गया।.युवराज एक होनहार इंजीनियर था और अपने परिवार की उम्मीदों का सहारा। पिता ने भावुक होते हुए कहा, “मैंने अपने बेटे को पढ़ा-लिखाकर इंजीनियर बनाया था, ताकि वह समाज और देश के लिए कुछ कर सके। लेकिन सिस्टम की लापरवाही ने मेरी दुनिया उजाड़ दी।” उनकी आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।.परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद एंबुलेंस देर से पहुंची और अस्पताल में भी इलाज में देरी हुई। युवराज लगातार दर्द में तड़पता रहा, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस दौरान वह अपने परिवार को याद करता रहा और बार-बार पानी मांगता रहा।.घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर इस मामले में जिम्मेदारी तय नहीं हुई, तो भविष्य में भी ऐसे हादसों में मासूम जानें जाती रहेंगी।.प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश देने की बात कही है, लेकिन युवराज के परिवार के लिए यह आश्वासन काफी नहीं है। उनके पिता का कहना है कि जब तक जिम्मेदारों को सजा नहीं मिलती, तब तक उनके बेटे की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।

