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मनीष सिसोदिया जालंधर दौरा: सतलुज फिल्म विवाद पर कांग्रेस-भाजपा पर साधा निशाना, 2027 चुनाव को लेकर कही बड़ी बात

मनीष सिसोदिया जालंधर दौरा के दौरान AAP पंजाब प्रभारी ने सतलुज फिल्म विवाद, कांग्रेस-भाजपा पर तीखा हमला और 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया। जानिए उन्होंने क्या कहा।

मनीष सिसोदिया जालंधर दौरा गुरुवार को राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना रहा। आम आदमी पार्टी (AAP) के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया जालंधर के नारी निकेतन पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान सतलुज फिल्म विवाद, पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर तीखे आरोप लगाए और कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।

सिसोदिया ने कहा कि पंजाब के इतिहास और लोगों की भावनाओं को लेकर राजनीति करने के बजाय उन घटनाओं पर गंभीरता से विचार होना चाहिए, जिन्हें लेकर वर्षों से सवाल उठते रहे हैं।

मनीष सिसोदिया जालंधर दौरा: सतलुज फिल्म विवाद पर क्या बोले?

मनीष सिसोदिया जालंधर दौरा के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा सतलुज फिल्म विवाद को लेकर हुई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह पंजाब के लोगों के साथ हुए कथित अत्याचारों पर क्या रुख रखती है।

उन्होंने कहा कि फिल्म में दिखाई गई घटनाओं को लेकर अभिनेता या कलाकारों को निशाना बनाने से वास्तविक ऐतिहासिक बहस नहीं बदलेगी। उनके अनुसार, कांग्रेस और भाजपा को एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय अपने-अपने राजनीतिक इतिहास पर भी नजर डालनी चाहिए।

सिसोदिया ने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे पर कांग्रेस के पुराने कार्यकाल से जुड़े विवादों पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस और भाजपा पर साधा निशाना

सिसोदिया ने कहा कि पंजाब के लोगों ने इतिहास के कई कठिन दौर देखे हैं और उन घटनाओं को भुलाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों को पंजाब के लोगों के सवालों का जवाब देना चाहिए। उनके मुताबिक, राजनीतिक दलों को एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय जनता के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का नाम लेते हुए कहा कि वे पहले कांग्रेस में थे और बाद में भाजपा में शामिल हुए। सिसोदिया ने कहा कि केवल राजनीतिक दल बदलने से इतिहास नहीं बदल जाता।

मनीष सिसोदिया जालंधर दौरा: पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर प्रतिक्रिया

जब उनसे पंजाब कांग्रेस में कथित गुटबाजी और नेताओं के बीच मतभेदों को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें कांग्रेस के आंतरिक मामलों से कोई लेना-देना नहीं है।

उन्होंने कहा कि आम लोगों से उन्हें यही सुनने को मिलता है कि कांग्रेस एक “झगड़ालू पार्टी” बन चुकी है। हालांकि यह उनका राजनीतिक बयान था।

सिसोदिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी का फोकस विपक्षी दलों की राजनीति पर नहीं बल्कि अपने संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच काम करने पर है।

2027 विधानसभा चुनाव को लेकर क्या बोले?

मनीष सिसोदिया जालंधर दौरा के दौरान उन्होंने आगामी 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव पर भी अपनी रणनीति साझा की।

उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार संगठन को मजबूत कर रही है और प्रदेशभर के नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें की जा रही हैं।

सिसोदिया के अनुसार, पार्टी का उद्देश्य सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है ताकि जनता सरकार के कार्यों का मूल्यांकन कर सके।

भगवंत मान सरकार के कामों का किया जिक्र

मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुनाव के दौरान जनता से किए गए कई प्रमुख वादों को पूरा किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी भविष्य में भी जनता के हितों को प्राथमिकता देती रहेगी।

पंजाब के इतिहास का किया उल्लेख

सिसोदिया ने कहा कि पंजाब का इतिहास संघर्ष और बलिदान से भरा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इतिहास के कठिन दौर को नहीं भूल सकते और ऐसे विषयों पर राजनीति करने के बजाय संवेदनशीलता के साथ चर्चा होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब की जनता उन घटनाओं का मूल्यांकन स्वयं करती है और इतिहास से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी से बयान देने चाहिए।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी चर्चा

मनीष सिसोदिया जालंधर दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब की राजनीति में सतलुज फिल्म विवाद, कांग्रेस की अंदरूनी गतिविधियां और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर लगातार बयानबाजी जारी है।

सिसोदिया के इस दौरे और उनके बयानों के बाद राज्य की राजनीतिक चर्चाओं को नई दिशा मिल सकती है। हालांकि कांग्रेस और भाजपा की ओर से इन बयानों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।

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