सतलुज फिल्म हाईकोर्ट याचिका: ZEE5 पर दोबारा रिलीज की मांग, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा मामला
सतलुज फिल्म हाईकोर्ट याचिका को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की चर्चित फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर चल रहा विवाद अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। जानकारी के अनुसार, मोहाली निवासी एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर फिल्म को दोबारा OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर उपलब्ध कराने की मांग की है।
याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि यदि फिल्म को हटाने के पीछे कोई सरकारी, वैधानिक या न्यायिक आदेश जारी किया गया है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए ताकि दर्शकों और फिल्म निर्माताओं के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके। इस मामले ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, OTT कंटेंट और सेंसरशिप को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
सतलुज फिल्म हाईकोर्ट याचिका में क्या मांग की गई?
सतलुज फिल्म हाईकोर्ट याचिका में मुख्य रूप से दो प्रमुख मांगें की गई हैं।
पहली, फिल्म ‘सतलुज’ को देशभर में ZEE5 पर तत्काल दोबारा स्ट्रीम करने के निर्देश दिए जाएं।
दूसरी, यदि फिल्म हटाने का फैसला किसी सरकारी विभाग, वैधानिक संस्था या न्यायिक आदेश के आधार पर लिया गया है, तो उस आदेश को सार्वजनिक किया जाए, ताकि दर्शकों और फिल्म निर्माताओं को वास्तविक कारणों की जानकारी मिल सके।
याचिकाकर्ता का कहना है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस विषय पर स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए।
फिल्म ‘सतलुज’ क्यों बनी विवाद का कारण?
सतलुज फिल्म हाईकोर्ट याचिका ऐसे समय में दायर हुई है जब फिल्म पहले से ही विवादों में घिरी हुई है।
यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित बताई जाती है। फिल्म का निर्माण पहले ‘पंजाब 95’ शीर्षक से किया गया था, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर ‘सतलुज’ रखा गया।
फिल्म 3 जुलाई 2026 को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज हुई थी। हालांकि, रिलीज के लगभग दो दिन बाद ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया, जिसके बाद विवाद और तेज हो गया।
फिल्म हटने के बाद बढ़ा विवाद
फिल्म हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर लगातार चर्चा हो रही है।
फिल्म के समर्थकों का कहना है कि दर्शकों को फिल्म देखने और अपनी राय बनाने का अवसर मिलना चाहिए, जबकि विरोध करने वाले पक्ष ने फिल्म की सामग्री को लेकर अलग-अलग आपत्तियां जताई हैं।
फिल्म के हटने के बाद कई दर्शकों और फिल्म से जुड़े लोगों ने भी निराशा व्यक्त की।
दिलजीत दोसांझ सहित कई कलाकारों ने जताई नाराजगी
सतलुज फिल्म हाईकोर्ट याचिका से पहले फिल्म हटने के फैसले पर अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ सहित कई कलाकारों ने दुख और निराशा व्यक्त की थी।
उनका कहना था कि फिल्म लंबे समय की मेहनत का परिणाम है और दर्शकों तक इसे पहुंचने का अवसर मिलना चाहिए।
हालांकि, इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं, जिससे विवाद और अधिक बढ़ गया है।
जसवंत सिंह खालड़ा से जुड़ा मामला भी चर्चा में
फिल्म विवाद के बीच जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड भी एक बार फिर सुर्खियों में है।
सूत्रों के अनुसार, नाभा जेल प्रशासन ने होशियारपुर प्रशासन को मामले के दोषी करार दिए जा चुके पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह की तलाश करने के निर्देश जारी किए हैं।
बताया जा रहा है कि जसपाल सिंह को इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी और वह मई 2023 में जमानत पर जेल से बाहर आए थे। अब संबंधित एजेंसियां उनकी तलाश कर रही हैं। इस संबंध में आधिकारिक कार्रवाई और जांच प्रक्रिया जारी है।
हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें
सतलुज फिल्म हाईकोर्ट याचिका दायर होने के बाद अब सभी की नजर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर है।
यदि अदालत इस मामले में नोटिस जारी करती है या किसी पक्ष से जवाब मांगती है, तो फिल्म के भविष्य और इसके OTT प्लेटफॉर्म पर दोबारा उपलब्ध होने को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल, यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और अंतिम निर्णय अदालत की सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।
क्या है पूरा मामला?
- फिल्म ‘सतलुज’ 3 जुलाई 2026 को ZEE5 पर रिलीज हुई।
- रिलीज के दो दिन बाद फिल्म प्लेटफॉर्म से हटा दी गई।
- मोहाली निवासी ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
- याचिका में फिल्म को दोबारा ZEE5 पर उपलब्ध कराने की मांग की गई।
- फिल्म हटाने के आदेश को सार्वजनिक करने की भी अपील की गई।
- मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

