मोगा आम आदमी क्लीनिक हड़ताल: 105 मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट और क्लीनिक असिस्टेंट अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
मोगा आम आदमी क्लीनिक हड़ताल का असर अब पूरे जिले में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। पंजाब भर में आम आदमी क्लीनिकों के मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट और क्लीनिक असिस्टेंट कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल के तहत मोगा जिले के 33 आम आदमी क्लीनिकों के करीब 105 कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है। कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना दिया और पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।


मोगा आम आदमी क्लीनिक हड़ताल में 105 कर्मचारी शामिल
धरने में शामिल मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट और क्लीनिक असिस्टेंट कर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले लगभग चार वर्षों से आम आदमी क्लीनिकों में सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद आज तक उनकी नौकरी को नियमित नहीं किया गया है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे इम्पैनलमेंट और कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर कार्य कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें नौकरी की सुरक्षा नहीं मिल रही। साथ ही नियमित कर्मचारियों की तरह वेतन, छुट्टियों और अन्य सुविधाओं का लाभ भी नहीं दिया जा रहा।
सरकार के खिलाफ कर्मचारियों का प्रदर्शन
मोगा आम आदमी क्लीनिक हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों का ज्ञापन पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री के नाम सिविल सर्जन को सौंपा।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि यदि वे किसी कारणवश छुट्टी लेते हैं तो उनकी सैलरी काट ली जाती है। इतना ही नहीं, रविवार और अन्य सरकारी अवकाश के दौरान भी उन्हें वेतन नहीं मिलता, जबकि वे लगातार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।
रोजाना 2500 मरीजों को मिलती थीं सेवाएं
कर्मचारियों ने बताया कि मोगा जिले में कुल 33 आम आदमी क्लीनिक संचालित हैं, जिनमें लगभग 105 कर्मचारी कार्यरत हैं। इन क्लीनिकों में प्रतिदिन करीब 2500 मरीजों की ओपीडी होती है।
इन क्लीनिकों के माध्यम से लोगों को मुफ्त दवाइयां, जांच और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती थीं। लेकिन हड़ताल के कारण अब मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
मोगा आम आदमी क्लीनिक हड़ताल में शामिल कर्मचारियों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- सभी मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट और क्लीनिक असिस्टेंट को नियमित किया जाए।
- नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- रविवार और सरकारी छुट्टियों का वेतन दिया जाए।
- कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएं।
- कर्मचारियों के लिए स्पष्ट सेवा नीति लागू की जाए।
सरकार की योजना में काम करने वाले स्टाफ ने जताई नाराजगी
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि आम आदमी क्लीनिक पंजाब सरकार की सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है। इसके बावजूद इस योजना में कार्यरत कर्मचारियों को बुनियादी अधिकारों और सुविधाओं से वंचित रखा गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार के पांच वर्ष पूरे होने वाले हैं, लेकिन अब तक कर्मचारियों के भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई। इससे सभी कर्मचारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी मोगा आम आदमी क्लीनिक हड़ताल
हड़ताली कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
कर्मचारियों का कहना है कि वे मरीजों की सेवा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहे हैं, लेकिन लगातार अस्थायी आधार पर काम करवाना और उन्हें दिहाड़ीदार की तरह व्यवहार करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए ताकि स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित न हों और कर्मचारियों को उनका अधिकार मिल सके।

