ऑपरेशन सिंदूर की एनिवर्सरी पर पंजाब को दहलाने की साजिश? जांच एजेंसियां अलर्ट
Jalandhar Activa Blast: DGP Gaurav Yadav ने लिया घटना स्थल का जायजा
जालंधर में हुए Jalandhar Activa Blast मामले ने पूरे पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। बीएसएफ हेडक्वार्टर के सामने देर रात एक्टिवा में हुए धमाके के बाद पंजाब के डीजीपी गौरव यादव खुद जालंधर पहुंचे और घटना स्थल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सेना और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए।
घटना के बाद इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। बताया जा रहा है कि Jalandhar Activa Blast में किसी विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। फिलहाल CFSL (Central Forensic Science Laboratory) टीम द्वारा मौके से जुटाए गए सैंपलों की जांच की जा रही है।
Jalandhar Activa Blast में CCTV फुटेज से मिले अहम सुराग
पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने बताया कि जांच टीम लगातार CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती जांच में पुलिस को दो से तीन अहम लीड मिली हैं। अधिकारियों का कहना है कि Jalandhar Activa Blast को अंजाम देने के लिए संभवतः टाइमर या रिमोट डिवाइस का इस्तेमाल किया गया होगा।
CFSL टीम द्वारा लिए गए सैंपलों को जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमाका किसी आतंकी साजिश का हिस्सा था या फिर किसी अन्य उद्देश्य से किया गया हमला।
पाकिस्तान कनेक्शन की जांच में जुटीं एजेंसियां
डीजीपी गौरव यादव ने इससे पहले अमृतसर में हुए ब्लास्ट का भी जायजा लिया था। अब जालंधर और अमृतसर दोनों मामलों को जोड़कर जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इन धमाकों के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों का हाथ हो सकता है।
अधिकारियों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर की एनिवर्सरी के चलते पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश की गई हो सकती है। हालांकि अभी तक जांच एजेंसियों ने किसी भी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
घटना के बाद जालंधर समेत पंजाब के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। BSF, पंजाब पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर पूरे मामले की जांच कर रही हैं। वहीं संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आसपास के इलाकों में निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Jalandhar Activa Blast जैसे मामलों में तकनीकी जांच और CCTV एनालिसिस बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। इसी कारण जांच एजेंसियां हर छोटे सबूत को गंभीरता से जांच रही हैं।ऑपरेशन सिंदूर की एनिवर्सरी पर पंजाब को दहलाने की साजिश? जांच एजेंसियां अलर्ट
