जालंधर में कांग्रेस को बड़ा झटका! अंशुमन कालिया AAP में शामिल, मेयर विनीत धीर ने खेला बड़ा दांव
जालंधर की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। अंशुमन कालिया AAP में शामिल हो गए हैं। यूथ कांग्रेस से जुड़े नेता अंशुमन कालिया को आम आदमी पार्टी में शामिल करवाने में जालंधर के मेयर विनीत धीर की अहम भूमिका रही। पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा की मौजूदगी में अंशुमन कालिया ने आम आदमी पार्टी का दामन थामा।
अंशुमन कालिया के आम आदमी पार्टी में शामिल होने को जालंधर की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। खास तौर पर ऐसे समय में जब पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दल अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं, कांग्रेस से जुड़े युवा नेता का AAP में जाना कांग्रेस के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

कांग्रेस के गढ़ में AAP की सेंध
जालंधर लंबे समय से कांग्रेस की मजबूत राजनीतिक जमीन के तौर पर देखा जाता रहा है। ऐसे में कांग्रेस से जुड़े युवा चेहरे का आम आदमी पार्टी में शामिल होना राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है।
अंशुमन कालिया को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक बावा हैनरी के नजदीकी नेताओं में माना जाता रहा है। ऐसे में उनके AAP में जाने से स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अंशुमन कालिया AAP में शामिल होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आने वाले समय में इसका जालंधर की राजनीति पर कितना असर पड़ेगा। AAP जहां इस घटनाक्रम को अपनी बढ़ती राजनीतिक ताकत के रूप में देख सकती है, वहीं कांग्रेस के लिए अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना चुनौती बन सकता है।
मेयर विनीत धीर की भूमिका अहम
अंशुमन कालिया को आम आदमी पार्टी में शामिल करवाने के पीछे जालंधर के मेयर विनीत धीर की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेयर पद संभालने के बाद से ही विनीत धीर लगातार शहर की राजनीति में सक्रिय नजर आ रहे हैं।
अंशुमन कालिया के AAP में आने से पार्टी को युवा चेहरा मिला है। यूथ कांग्रेस में सक्रिय रहे नेता के रूप में अंशुमन की स्थानीय स्तर पर राजनीतिक पहचान भी है। ऐसे में AAP को उम्मीद होगी कि उनके पार्टी में आने से संगठन को जमीनी स्तर पर फायदा मिलेगा।
अमन अरोड़ा ने करवाया पार्टी में स्वागत
पंजाब के आम आदमी पार्टी प्रधान अमन अरोड़ा ने अंशुमन कालिया का पार्टी में स्वागत किया। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में उन्हें AAP की विचारधारा के साथ आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि अंशुमन कालिया को पार्टी आने वाले समय में कौन-सी जिम्मेदारी देती है और वह संगठन के लिए किस तरह सक्रिय होते हैं।
जालंधर में बढ़ेगी सियासी हलचल
अंशुमन कालिया AAP में शामिल होने के बाद जालंधर की राजनीति में हलचल बढ़ना तय माना जा रहा है। एक तरफ आम आदमी पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने के लिए कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने साथ जोड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के सामने अपने राजनीतिक आधार को मजबूत बनाए रखने की चुनौती है।
आने वाले दिनों में यदि कांग्रेस के और नेता या कार्यकर्ता AAP का रुख करते हैं तो इसका असर स्थानीय राजनीति पर और ज्यादा दिखाई दे सकता है। फिलहाल अंशुमन कालिया का AAP में शामिल होना जालंधर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

