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Uttarakhand Bailey Bridge Collapse: बाढ़ में बह गया बेली ब्रिज, BRO ड्राइवर समेत वाहन लापता

Uttarakhand Bailey Bridge Collapse: उत्तराखंड के चमोली जिले से कुदरत के कहर की बेहद डरावनी तस्वीर सामने आई है। नीती घाटी को जोड़ने के लिए तमक नाले पर बनाया गया बेली ब्रिज सोमवार शाम अतिवृष्टि के बाद अचानक आई बाढ़ में बह गया। पुल के बहने के दौरान सीमा सड़क संगठन (BRO) का एक वाहन भी तेज बहाव की चपेट में आ गया। वाहन चालक के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

पुल के बह जाने से सीमांत क्षेत्र में सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है। तमक से आगे जुम्मा, नीती समेत करीब 12 गांवों और सीमा क्षेत्र का संपर्क टूट गया है। प्रशासन और बचाव दल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

Uttarakhand Bailey Bridge Collapse से टूटा सीमांत क्षेत्र का संपर्क

Uttarakhand Bailey Bridge Collapse: चमोली की नीती घाटी में अतिवृष्टि के बाद तमक नाले में आई बाढ़ से बेली ब्रिज बह गया। BRO का वाहन और चालक भी लापता है।

अधिकारियों के अनुसार तमक नाले में अचानक बाढ़ आने के कारण पानी का बहाव बेहद तेज हो गया। इसी दौरान नाले पर बना बेली ब्रिज पानी और मलबे की चपेट में आ गया और देखते ही देखते बह गया।

यह पुल ज्योतिर्मठ यानी जोशीमठ से सीमांत क्षेत्र को जोड़ने वाले मलारी-नीती मार्ग के लिए महत्वपूर्ण था। पुल के टूटने के बाद सीमावर्ती गांवों तक आवागमन प्रभावित हुआ है।

स्थानीय लोगों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है, क्योंकि इस क्षेत्र में पहले भी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क बाधित होता रहा है।

BRO का वाहन और चालक भी तेज बहाव में बहा

घटना के दौरान BRO का एक वाहन भी बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में आ गया। अधिकारियों के मुताबिक वाहन चालक पंकज भी लापता है।

बताया गया है कि पंकज बाढ़ की स्थिति का अवलोकन कर रहे थे। इसी दौरान अचानक पुल बहने की घटना हुई और वह भी तेज बहाव में बह गए। पंकज पिथौरागढ़ जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। लापता चालक की तलाश के लिए संबंधित टीमें अभियान चला रही हैं।

SDRF और NDRF की टीमें मौके के लिए रवाना

तमक नाले में बाढ़ की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की राहत एवं बचाव टीमों को घटनास्थल की ओर रवाना किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी स्थिति का तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही निचले इलाकों में एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।

प्रशासन की प्राथमिकता लापता व्यक्ति की तलाश और प्रभावित क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

Uttarakhand Bailey Bridge Collapse के बाद वैकल्पिक रास्ते की तैयारी

चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार बेली ब्रिज के बह जाने के बाद BRO की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि एक-दो दिन में आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण राहत एवं निर्माण कार्य में चुनौतियां बनी हुई हैं।

तमक नाले में पहले भी आती रही है बाढ़

तमक नाला क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। लगातार बारिश के दौरान यहां मलबा आने से सड़क मार्ग बाधित होने के साथ आसपास के जल स्रोतों पर भी असर पड़ता है।

अधिकारियों के मुताबिक तमक नाले में बाढ़ के कारण कई बार समीप बहने वाली धौली गंगा में भी मलबे और अवरोध की स्थिति पैदा हुई है। ऐसे में प्रशासन के सामने इस क्षेत्र में यातायात बहाल करने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी है।

Uttarakhand Bailey Bridge Collapse ने बढ़ाई चिंता

बेली ब्रिज का अचानक बह जाना सीमांत क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पुल के टूटने से करीब 12 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और सीमावर्ती इलाकों में आवाजाही पर असर पड़ा है।

फिलहाल प्रशासन, BRO और आपदा राहत टीमें स्थिति को सामान्य करने के प्रयास में जुटी हैं। लापता BRO चालक की तलाश जारी है, जबकि बाढ़ में बह गए वाहन का भी पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Uttarakhand Bailey Bridge Collapse की यह घटना एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में अतिवृष्टि, अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन के बढ़ते खतरे को सामने लाती है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

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