डॉक्टरों की पर्ची से आतंकी साजिश तक
3.. jan.रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने देश की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि “वे लोग जो मरीजों के लिए ‘Rx’ पर्ची लिखते हैं, उनके हाथों में RDX पाया गया है।” उनका यह बयान आतंकवाद और उसके बदलते स्वरूप की ओर इशारा करता है, जिसमें समाज के पढ़े-लिखे और पेशेवर वर्ग का दुरुपयोग किया जा रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद अब केवल सीमाओं या जंगलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह समाज के भीतर गहराई तक पैठ बना चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ आतंकी संगठन डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य शिक्षित पेशेवरों को अपने नेटवर्क में शामिल कर देश की सुरक्षा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल खतरनाक है, बल्कि समाज के भरोसे को भी तोड़ने वाली है।
रक्षामंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते ऐसे तत्वों की पहचान कर ली गई, जिससे बड़े नुकसान को टाला जा सका। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और किसी भी सूरत में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सुरक्षा बलों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
राजनाथ सिंह के इस बयान के बाद सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की भूमिका पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है, और यह संदेश स्पष्ट है कि आतंकवाद किसी भी रूप में हो, उसे जड़ से खत्म किया जाएगा।

