हिमाचल में बारिश का कहर: NH समेत 100 सड़कें बंद, फ्लैश फ्लड-लैंडस्लाइड से 12 वाहन क्षतिग्रस्त
चंबा: हिमाचल में बारिश का कहर लगातार देखने को मिल रहा है। प्रदेश के चंबा जिले में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। तेज बारिश के कारण फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड की घटनाओं से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। चंबा-पठानकोट नेशनल हाईवे (NH) मलबा आने के कारण बंद हो गया है, जबकि पूरे जिले और आसपास के क्षेत्रों में करीब 100 सड़कें यातायात के लिए बंद हो चुकी हैं। इस प्राकृतिक आपदा में कार, बाइक और ट्रकों सहित करीब 12 वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।
मूसलाधार बारिश के कारण सरोल, परेल, घोलटी, सुल्तानपुर, हरदासपुर और माई का बाग जैसे इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई लोगों के घरों में पानी और मलबा घुस गया, जिससे भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है, जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।


हिमाचल में बारिश का कहर: चंबा में मलबे में दबी गाड़ियां
हिमाचल में बारिश का कहर सबसे ज्यादा चंबा जिले के परेल और घोलटी क्षेत्रों में देखने को मिला। भारी लैंडस्लाइड के कारण डंगा गिर गया, जिससे कई कारें, बाइक और ट्रक मलबे में दब गए। हाईवे पर खड़े कुछ ट्रकों को भी नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार, कुल 12 वाहनों को क्षति पहुंची है।
सरोल मोहल्ले में अचानक फ्लैश फ्लड आने से लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। कई परिवारों ने पूरी रात सड़क किनारे या सुरक्षित स्थानों पर बिताई। कुछ मकानों में मलबा भर गया, जबकि एक मकान की पूरी मंजिल मलबे में दब गई।
100 सड़कें बंद, NH पर यातायात ठप
लगातार हो रही बारिश के चलते चंबा-पठानकोट नेशनल हाईवे पूरी तरह बंद हो गया है। परेल और तड़ोली के पास सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर आ गए हैं। इसके अलावा जिले की करीब 100 सड़कें बंद होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
भठी नाले में सड़क बहाल करने का काम जारी था, लेकिन इसी दौरान मलबा हटाते समय एक जेसीबी मशीन अनियंत्रित होकर पलट गई। इससे राहत कार्य में भी बाधा आई।
हिमाचल में बारिश का कहर: कई घरों और दुकानों में घुसा पानी
सुल्तानपुर, परेल और सरोल इलाके में कई घरों और दुकानों में पानी और मलबा घुस गया है। लोगों का सामान खराब हो गया और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। पीजी कॉलेज सुल्तानपुर और चंबा डिग्री कॉलेज परिसर भी कीचड़ और मलबे से भर गए हैं, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
घोलटी स्थित शिव मंदिर और एक प्राकृतिक पेयजल स्रोत भी मलबे की चपेट में आ गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा दीवार और नालियों का निर्माण किया जाता, तो नुकसान काफी हद तक कम हो सकता था।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार सुरक्षा दीवार बनाने और जल निकासी व्यवस्था सुधारने की मांग की थी, लेकिन इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण आज उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा।
प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव दल तैनात हैं। प्रशासन मलबा हटाने, सड़कें खोलने और प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
हिमाचल में बारिश का कहर अभी थमने वाला नहीं दिख रहा है। मौसम विभाग के शिमला केंद्र ने सुबह साढ़े आठ बजे अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले चार घंटों के दौरान बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर तेज़ से बहुत तेज़ बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के पास न जाने, पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
बिजली और पानी की सप्लाई भी प्रभावित
भारी बारिश के कारण चंबा सब-स्टेशन में पानी भर गया, जिसके चलते एहतियातन कुछ घंटों के लिए बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। वहीं, शिमला में ट्रांसफॉर्मर खराब होने और जल स्रोतों में भारी सिल्ट जमा होने के कारण आने वाले दिनों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहने की आशंका जताई गई है।
फिलहाल प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो हिमाचल में बारिश का कहर और बढ़ सकता है।

