PM Modi Selfie Video: जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी का सेल्फी वीडियो, मेटा ने हटाने के बाद किया बहाल
28,JULY :- नई दिल्ली: PM Modi Selfie Video उस समय चर्चा का विषय बन गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच युवाओं के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया। इस वीडियो की सबसे खास बात यह थी कि प्रधानमंत्री ने इसे सेल्फी मोड में रिकॉर्ड किया। वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। हालांकि, कुछ समय बाद मेटा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो की उपलब्धता सीमित होने की खबर सामने आई, जिसके बाद इसे लेकर नया विवाद शुरू हो गया।
मेटा की ओर से बाद में स्पष्ट किया गया कि वीडियो को तकनीकी गलती के कारण हटाया गया था और त्रुटि का पता चलते ही इसे दोबारा बहाल कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की कंटेंट मॉडरेशन प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल खड़े किए।

PM Modi Selfie Video क्यों बना चर्चा का विषय
PM Modi Selfie Video इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधे युवाओं से संवाद करने के लिए पारंपरिक भाषण की बजाय सेल्फी मोड का इस्तेमाल किया। वीडियो में उन्होंने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।
वीडियो के सामने आने के बाद लाखों लोगों ने इसे देखा और सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इसी दौरान यह खबर भी सामने आई कि मेटा के प्लेटफॉर्म पर वीडियो कुछ समय के लिए दिखाई नहीं दे रहा था।
मेटा ने PM Modi Selfie Video क्यों हटाया?
जानकारी के अनुसार, वीडियो पोस्ट होने के बाद कुछ उपयोगकर्ताओं को यह संदेश दिखाई दिया कि कंटेंट कानूनी अनुरोध के अनुपालन में उपलब्ध नहीं है। इसके बाद इस मुद्दे पर सवाल उठने लगे।
बाद में मेटा ने सफाई जारी करते हुए कहा कि PM Modi Selfie Video को किसी कानूनी आदेश के कारण नहीं बल्कि तकनीकी त्रुटि के चलते गलती से हटा दिया गया था। कंपनी ने कहा कि गलती का पता चलते ही वीडियो को दोबारा बहाल कर दिया गया और अब वह सामान्य रूप से उपलब्ध है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन और छात्रों की मांगें
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक छात्रों और विभिन्न संगठनों का विरोध-प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई की थी। इसी दौरान पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी प्रमुख मुद्दा बनी रही।
प्रदर्शन के दौरान संसद की ओर मार्च की कोशिश भी की गई, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति देखने को मिली। इसके बाद पूरे मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक चर्चा का रूप ले लिया।
PM Modi Selfie Video में परीक्षा सुधार पर बड़ा संदेश
PM Modi Selfie Video में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक के बेहतर उपयोग और पारदर्शी व्यवस्था के जरिए परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाया जाएगा। उन्होंने छात्रों से धैर्य बनाए रखने और सरकार पर विश्वास रखने की अपील भी की।
नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में बनेगी हाई-लेवल टास्क फोर्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अन्य वीडियो संदेश में घोषणा की कि इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स गठित की जाएगी।
यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली में सुधार, डिजिटल तकनीकों के बेहतर उपयोग, पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि इन सिफारिशों को लागू कर देश में एक भरोसेमंद और आधुनिक परीक्षा व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
PM Modi Selfie Video पर सोशल मीडिया में प्रतिक्रिया
PM Modi Selfie Video बहाल होने के बाद सोशल Media पर इसे लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिली। कई लोगों ने इसे युवाओं से सीधे संवाद का नया तरीका बताया, जबकि कुछ लोगों ने मेटा की कंटेंट मॉडरेशन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। हालांकि, कंपनी की ओर से तकनीकी गलती स्वीकार करने के बाद विवाद कुछ हद तक शांत हो गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में सोशल मीडिया कंपनियों को इस तरह की तकनीकी त्रुटियों से बचने के लिए अपनी मॉडरेशन प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं सटीक बनाना होगा।
निष्कर्ष
PM Modi Selfie Video केवल एक वीडियो संदेश नहीं बल्कि परीक्षा सुधार, युवाओं के विश्वास और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही से जुड़ी बड़ी चर्चा का केंद्र बन गया। एक ओर प्रधानमंत्री ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और नई टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया, वहीं दूसरी ओर मेटा द्वारा वीडियो हटाने और फिर बहाल करने की घटना ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की कार्यप्रणाली पर भी बहस छेड़ दी। आने वाले समय में परीक्षा सुधारों और टास्क फोर्स की सिफारिशों पर सभी की नजरें रहेंगी।

