BCCI Fitness Test: भारतीय क्रिकेटरों की गिरती फिटनेस पर BCCI सख्त, नए फिटनेस स्टैंडर्ड होंगे लागू
BCCI Fitness Test: भारतीय क्रिकेट टीम के हालिया प्रदर्शन और खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ खिलाड़ियों की फिटनेस में आई गिरावट को देखते हुए BCCI का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) अब सभी खिलाड़ियों के लिए एक समान फिटनेस मानक (Standard Baseline Fitness Parameters) तैयार कर रहा है। इसका उद्देश्य फिटनेस मूल्यांकन को अधिक पारदर्शी और एकरूप बनाना है। रिपोर्ट के मुताबिक, भविष्य में खिलाड़ियों को टीम में जगह बनाए रखने के लिए तय फिटनेस मानकों पर खरा उतरना होगा।
BCCI Fitness Test: क्यों बदल रहा है फिटनेस सिस्टम?
BCCI Fitness Test को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ समय से खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर चिंता बढ़ी है।
बताया गया है कि कुछ खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग फिटनेस पैरामीटर तय किए गए थे, जिससे सभी खिलाड़ियों का मूल्यांकन एक समान आधार पर नहीं हो पा रहा था। अब BCCI इस व्यवस्था को बदलकर सभी खिलाड़ियों के लिए समान फिटनेस बेंचमार्क लागू करने की तैयारी में है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चयन केवल क्रिकेट कौशल ही नहीं, बल्कि फिटनेस के निर्धारित मानकों के आधार पर भी हो।
BCCI Fitness Test: ब्रोंको टेस्ट रहेगा प्रमुख पैमाना
रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 में स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रूक्स की नियुक्ति के बाद से पारंपरिक यो-यो टेस्ट की जगह ब्रोंको टेस्ट को प्राथमिक फिटनेस टेस्ट के रूप में अपनाया गया।
ब्रोंको टेस्ट खिलाड़ियों की गति, सहनशक्ति (Endurance) और रिकवरी क्षमता को परखने के लिए जाना जाता है।
अब यही टेस्ट खिलाड़ियों की फिटनेस का मुख्य पैमाना बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
BCCI Fitness Test: नए बेंचमार्क क्या होंगे?
BCCI Fitness Test के तहत मेडिकल टीम ने कुछ प्रमुख फिटनेस मानक तय किए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार—
- ब्रोंको टेस्ट पूरा करने का लक्ष्य: 5 मिनट 15 सेकंड से 5 मिनट 20 सेकंड
- 2 किलोमीटर दौड़ का समय: 9 से 10 मिनट
इन मानकों के आधार पर खिलाड़ियों की फिटनेस का मूल्यांकन किया जाएगा।
BCCI Fitness Test: सीनियर खिलाड़ियों को लेकर भी उठे सवाल
रिपोर्ट में BCCI के एक सूत्र के हवाले से दावा किया गया है कि पहले कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिए अपेक्षाकृत आसान फिटनेस लक्ष्य निर्धारित किए गए थे।
रिपोर्ट के अनुसार, इससे फिटनेस मूल्यांकन में समानता नहीं रही। इसी वजह से अब सभी खिलाड़ियों के लिए एक समान मानक लागू करने की योजना बनाई जा रही है।
हालांकि BCCI की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई है।
BCCI Fitness Test: इंग्लैंड दौरे के बाद बढ़ी चिंता
रिपोर्ट के मुताबिक इंग्लैंड दौरे के दौरान कई खिलाड़ियों को बार-बार मांसपेशियों में ऐंठन (Cramps) की समस्या हुई।
इसके अलावा कुछ खिलाड़ियों की फील्डिंग, विकेटों के बीच दौड़ने की गति और मूवमेंट को लेकर भी सवाल उठे।
सूत्रों के हवाले से कहा गया कि टीम मैनेजमेंट ने खिलाड़ियों की फिटनेस पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता जताई है।
BCCI Fitness Test: हर्षित राणा का उदाहरण
रिपोर्ट में तेज गेंदबाज हर्षित राणा का भी उल्लेख किया गया है।
दावा किया गया है कि इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले के दौरान उन्हें चोट नहीं बल्कि क्रैम्प की समस्या हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उस समय उनका वजन निर्धारित सीमा से अधिक था।
बताया गया कि उन्हें सलाह दी गई कि उनका वजन 96 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल उनका वजन लगभग 94 किलोग्राम है।
BCCI Fitness Test: COE की भूमिका होगी अहम
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) अब खिलाड़ियों की फिटनेस पर अधिक बारीकी से नजर रखेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, मेडिकल और फिटनेस स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी खिलाड़ी की फिटनेस निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है, तो उसे बिना किसी दबाव के रिपोर्ट किया जाए।
इसका उद्देश्य खिलाड़ियों की दीर्घकालिक फिटनेस और चोटों की संभावना को कम करना है।
BCCI Fitness Test: श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले बढ़ी अहमियत
भारतीय टीम अब 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी।
यह सीरीज 2025-27 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) चक्र का हिस्सा होगी। ऐसे में खिलाड़ियों की फिटनेस टीम चयन और प्रदर्शन दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक क्रिकेट में कौशल के साथ-साथ उच्च स्तर की फिटनेस भी सफलता की सबसे बड़ी शर्तों में शामिल हो चुकी है।
BCCI Fitness Test: खिलाड़ियों के लिए क्या मायने हैं?
यदि रिपोर्ट में बताए गए बदलाव लागू होते हैं, तो भारतीय क्रिकेटरों को पहले से अधिक कड़े फिटनेस मानकों का सामना करना पड़ सकता है।
एक समान फिटनेस मानक लागू होने से चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ सकती है और खिलाड़ियों को पूरे सीजन अपनी फिटनेस बनाए रखने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी।
हालांकि, इन बदलावों को लेकर BCCI की आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।

