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Old Bridge Collapsed: उद्घाटन के 3 साल के भीतर ढह गया 105 मीटर लंबा पुल, कई गांवों का संपर्क टूटा

Old Bridge Collapsed: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से बुनियादी ढांचे को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। बांडिया नदी पर बना कोठी-कोरनार पुल उद्घाटन के लगभग तीन साल के भीतर ही ढह गया। पुल का बीच का हिस्सा अचानक नदी में समा जाने से महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सीमा से जुड़े कई गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह प्रभावित हो गया। घटना के बाद प्रशासन ने तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं, जबकि विपक्षी नेताओं ने निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।


Old Bridge Collapsed: कैसे हुआ हादसा?

Old Bridge Collapsed की घटना 31 जुलाई को सामने आई, जब बांडिया नदी पर बने पुल का बीच का हिस्सा अचानक टूटकर नदी में गिर गया।

अधिकारियों के अनुसार, इस घटना के कारण महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूट गया। स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई गांवों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग तलाशने पड़ रहे हैं।

हालांकि, प्रशासन के अनुसार इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।


Old Bridge Collapsed: 105 मीटर लंबे पुल का हुआ था उद्घाटन

यह पुल बांडिया नदी पर बनाया गया था और इसकी लंबाई 105 मीटर तथा चौड़ाई 7.5 मीटर बताई गई है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस पुल का उद्घाटन 15 अगस्त 2023 को तत्कालीन उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा किया गया था, जो उस समय गढ़चिरौली जिले के प्रभारी मंत्री भी थे।

पुल का उद्देश्य सीमा से लगे गांवों के बीच बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना था, लेकिन अब इसके क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


Old Bridge Collapsed: भारी बारिश के बाद टूटा पुल

प्रशासन के अनुसार, 30 और 31 जुलाई के बीच इस क्षेत्र में 200 से 210 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।

तेज बारिश के कारण बांडिया नदी में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ के दौरान नदी का जलस्तर पुल के डेक से लगभग 2 से 2.5 मीटर ऊपर बह रहा था।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अत्यधिक जल प्रवाह भी पुल के क्षतिग्रस्त होने के संभावित कारणों में शामिल हो सकता है। हालांकि, अंतिम कारण तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।


Old Bridge Collapsed: विपक्ष ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

Old Bridge Collapsed की घटना के बाद विपक्षी नेताओं ने पुल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और NCP (SP) के नेता रोहित पवार सहित कई नेताओं ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, निर्माण में किसी प्रकार की गड़बड़ी के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।


Old Bridge Collapsed: जिला प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

गढ़चिरौली के जिला कलेक्टर अविशांत पांडा ने घटना को गंभीर बताते हुए तत्काल तकनीकी जांच के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर को पुल के ढहने के कारणों की विस्तृत जांच करने के लिए कहा गया है।

प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में किसी अधिकारी, इंजीनियर या ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


Old Bridge Collapsed: ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें

पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद आसपास के दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है।

स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कार्य, स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंचने में अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक मार्गों और अस्थायी व्यवस्थाओं पर भी विचार किया जा रहा है ताकि लोगों की परेशानियां कम की जा सकें।

ग्रामीणों का कहना है कि पुल क्षेत्र की जीवनरेखा था और इसके टूटने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।


Old Bridge Collapsed: तकनीकी जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी पुल के ढहने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे अत्यधिक जल प्रवाह, संरचनात्मक कमजोरी, डिजाइन संबंधी समस्या या निर्माण गुणवत्ता।

फिलहाल प्रशासन ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पुल के ढहने का वास्तविक कारण क्या था।

जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक निर्माण में भ्रष्टाचार या तकनीकी लापरवाही जैसे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं मानी जा सकती।

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