Iran Israel Conflict: ट्रम्प बोले- ईरान नहीं सुधरा तो उसका अस्तित्व नहीं बचेगा, अमेरिका ने 10 सैन्य ठिकानों पर किए हमले

Iran Israel Conflict एक बार फिर दुनिया के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान अपनी गतिविधियों में बदलाव नहीं करता, तो उसका अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। वहीं अमेरिकी सेना ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। दूसरी ओर, ईरान ने भी दावा किया है कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमला किया है।
मध्य पूर्व में बढ़ते इस तनाव का असर वैश्विक सुरक्षा, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो इसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
Iran Israel Conflict: ट्रम्प की ईरान को कड़ी चेतावनी
Iran Israel Conflict के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि ईरान कभी नहीं सुधरेगा और अमेरिका अब अधिक समय तक संयम नहीं रख सकता।
ट्रम्प ने कहा कि यदि हालात नहीं बदले तो अमेरिका उस सैन्य अभियान को पूरा कर सकता है जिसकी शुरुआत पहले ही सफलतापूर्वक की जा चुकी है। उनके बयान को ईरान के लिए अब तक की सबसे कड़ी चेतावनियों में से एक माना जा रहा है।
Iran Israel Conflict: अमेरिका ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर किए हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार अमेरिकी नौसेना और वायुसेना ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। ये सभी ठिकाने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास स्थित बताए गए हैं।
CENTCOM के मुताबिक इन हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट, ड्रोन बेस और तटीय रडार सिस्टम को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ‘एम/टी किकु’ नाम के तेल टैंकर पर हुए ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई।
अमेरिका का दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में नौवहन सुरक्षा बनाए रखना और भविष्य के संभावित हमलों को रोकना है।
Iran Israel Conflict: ईरान का बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमला
Iran Israel Conflict के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
IRGC के अनुसार बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट बेस और कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। हालांकि स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है और नुकसान की आधिकारिक जानकारी भी सामने नहीं आई है।
Iran Israel Conflict: पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट
1. अमेरिका के नए हवाई हमले
अमेरिका ने लगभग एक घंटे तक ईरान के मिसाइल, ड्रोन बेस और तटीय रडार स्टेशनों पर लगातार हवाई हमले किए। ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि ईरान ने युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन किया था, इसलिए यह कार्रवाई की गई।
2. ईरान का जवाबी सैन्य अभियान
ईरान ने दावा किया कि उसने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि किन-किन ठिकानों पर हमला हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
3. होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकर पर हमला
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर हमला हुआ। जहाज के कंट्रोल रूम को नुकसान पहुंचा, लेकिन चालक दल सुरक्षित रहा और तेल रिसाव की कोई सूचना नहीं मिली।
4. खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां
ईरान में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां तेज हैं। सुरक्षा कारणों और भारी भीड़ को देखते हुए उनके पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग के बजाय हेलिकॉप्टर या सैन्य विमान से ले जाने की संभावना जताई जा रही है।
Iran Israel Conflict का वैश्विक असर
Iran Israel Conflict का असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। यहां तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव और बढ़ता है तो वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
Iran Israel Conflict लगातार गंभीर होता जा रहा है। एक ओर अमेरिका ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है। ट्रम्प की कड़ी चेतावनी, अमेरिकी सैन्य हमले और ईरान के जवाबी दावों ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में दुनिया की नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों देश तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाते हैं या यह संघर्ष और बड़ा रूप लेता है।

