NEET UG री-एग्जाम से पहले Telegram बैन, 30 जून तक मैसेज एडिट फीचर रहेगा बंद
NEET UG री-एग्जाम को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी के अनुसार, केंद्र सरकार ने भारत में Telegram प्लेटफॉर्म पर 22 जून 2026 तक अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इसके अलावा Telegram के लोकप्रिय मैसेज एडिट फीचर को भी 30 जून 2026 तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब NEET-UG 2026 री-परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर कथित पेपर लीक से जुड़ी अफवाहें तेजी से फैल रही थीं। NTA का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व और साइबर गिरोह छात्रों तथा उनके अभिभावकों को फर्जी प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर ठगने का प्रयास कर रहे थे।
NEET UG री-एग्जाम से पहले Telegram पर क्यों लगाया गया प्रतिबंध?
NEET UG री-एग्जाम से पहले NTA ने पाया कि Telegram पर कई ऐसे चैनल सक्रिय थे जो छात्रों को परीक्षा का कथित प्रश्नपत्र देने का दावा कर रहे थे। इनमें “Paper Leaked NEET”, “Re-NEET 2026” और “Private Mafia” जैसे नाम वाले चैनल शामिल बताए गए हैं।
इन चैनलों पर छात्रों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की मांग की जा रही थी। कई छात्र और अभिभावक इन दावों को सच मानकर धोखाधड़ी का शिकार हो सकते थे। इसी खतरे को देखते हुए एजेंसी ने Telegram के खिलाफ सख्त कदम उठाने की सिफारिश की।
NTA का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए परीक्षा से ठीक पहले किसी भी प्रकार की अफवाह या फर्जी सूचना को फैलने से रोकना बेहद जरूरी था।
NEET UG री-एग्जाम और Telegram के मैसेज एडिट फीचर का क्या संबंध है?
मैसेज एडिट फीचर का कथित दुरुपयोग
NTA के अनुसार, NEET UG री-एग्जाम से जुड़ी अफवाहों को फैलाने में Telegram के मैसेज एडिट फीचर का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा था।
कुछ लोग पहले सामान्य या खाली मैसेज पोस्ट कर देते थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद उन्हीं पुराने मैसेजों को एडिट करके उनमें वास्तविक प्रश्नपत्र जोड़ दिया जाता था। इसके बाद यह दावा किया जाता था कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था।
इस तकनीक का इस्तेमाल करके सोशल मीडिया पर “पेपर लीक” की झूठी कहानियां बनाई जाती थीं। इससे छात्रों में भ्रम और परीक्षा प्रक्रिया पर अविश्वास पैदा होता था।
इसी कारण सरकार और संबंधित एजेंसियों ने 30 जून तक Telegram के एडिट फीचर को बंद रखने का निर्णय लिया है।
NEET UG री-एग्जाम को सुरक्षित बनाने के लिए कौन-कौन सी एजेंसियां सक्रिय हैं?
NEET UG री-एग्जाम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई सरकारी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
इनमें शामिल हैं:
- भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C)
- इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)
- विभिन्न राज्यों की पुलिस
- राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA)
इन एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर कई फर्जी Telegram चैनलों, बॉट्स और संदिग्ध अकाउंट्स को हटाया है। साथ ही साइबर निगरानी को भी मजबूत किया गया है ताकि परीक्षा से संबंधित किसी भी फर्जी गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सके।
NTA ने छात्रों और अभिभावकों से क्या अपील की है?
NTA ने स्पष्ट रूप से कहा है कि NEET UG री-एग्जाम का प्रश्नपत्र पूरी तरह सुरक्षित है और परीक्षा से पहले किसी भी व्यक्ति के पास उपलब्ध नहीं होता।
एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह, सोशल मीडिया पोस्ट या संदिग्ध संदेश पर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति या चैनल प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करता है, तो उसे तुरंत साइबर अपराध अधिकारियों को रिपोर्ट किया जाना चाहिए।
NTA ने यह भी कहा है कि परीक्षा से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारी केवल आधिकारिक पोर्टल और सत्यापित सोशल मीडिया खातों के माध्यम से ही प्राप्त की जानी चाहिए।
NEET UG री-एग्जाम पर Telegram बैन का क्या असर पड़ेगा?
NTA ने स्वीकार किया है कि Telegram का उपयोग लाखों छात्र पढ़ाई, नोट्स साझा करने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और व्यक्तिगत संचार के लिए करते हैं। इसलिए अस्थायी प्रतिबंध से कई लोगों को असुविधा हो सकती है।
हालांकि एजेंसी का मानना है कि NEET UG री-एग्जाम की निष्पक्षता और सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। चूंकि प्रतिबंध सीमित अवधि के लिए लगाया गया है, इसलिए परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति सामान्य होने की संभावना है।
NEET UG री-एग्जाम के लिए छात्रों को क्या करना चाहिए?
आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें
छात्रों को चाहिए कि वे परीक्षा से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट और NTA के सत्यापित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से प्राप्त करें।
अफवाहों से बचें
किसी भी कथित पेपर लीक, प्रश्नपत्र बिक्री या परीक्षा से जुड़ी संदिग्ध जानकारी पर विश्वास न करें।
तैयारी पर फोकस रखें
NEET UG री-एग्जाम में सफलता का सबसे अच्छा तरीका नियमित तैयारी और आधिकारिक सिलेबस पर ध्यान देना है, न कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट खबरों पर।
NEET UG री-एग्जाम को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध और मैसेज एडिट फीचर को बंद करने का फैसला लिया गया है। NTA का मानना है कि यह कदम फर्जी पेपर लीक और साइबर धोखाधड़ी पर रोक लगाने में मदद करेगा। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें और किसी भी अफवाह या संदिग्ध दावे से दूर रहें। परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

