Gold Price Crash: चांदी ₹5,000 सस्ती, सोने की कीमत में भी गिरावट, जानें आज के ताजा रेट
Gold Price Crash ने सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। जहां सोने के दाम में 150 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई, वहीं चांदी की कीमत में एक ही दिन में 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट देखने को मिली।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत अमेरिकी डॉलर, वैश्विक बाजारों में सुस्ती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर निवेशकों की सतर्कता के कारण कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। इसके अलावा, निवेशक अमेरिका के आगामी मुद्रास्फीति (Inflation) के आंकड़ों का भी इंतजार कर रहे हैं।
Gold Price Crash: आज कितना सस्ता हुआ सोना?
Gold Price Crash के चलते 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 150 रुपये घटकर 1,50,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।
पिछले कारोबारी सत्र में यही सोना 1,50,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। हालांकि गिरावट मामूली रही, लेकिन यह लगातार बदलते वैश्विक आर्थिक संकेतों का असर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और डॉलर की चाल के आधार पर सोने की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
Gold Price Crash के बीच चांदी में ₹5,000 की बड़ी गिरावट
Gold Price Crash के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी कमजोरी देखने को मिली।
स्थानीय सर्राफा बाजार में चांदी चार दिनों की लगातार तेजी के बाद 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम टूटकर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई।
इससे पहले चांदी का भाव 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम था। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी इसका प्रमुख कारण रही।
कीमतों में गिरावट की क्या है वजह?
Gold Price Crash के पीछे कई वैश्विक आर्थिक कारण बताए जा रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार—
- अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है।
- निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सतर्क हैं।
- अमेरिका के मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है।
- पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है।
- वैश्विक बाजारों में निवेशकों ने जोखिम कम करने की रणनीति अपनाई है।
इन्हीं कारणों से सोने और चांदी दोनों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
विशेषज्ञों ने क्या कहा?
Gold Price Crash को लेकर लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग का कहना है कि घरेलू बाजारों में सोने की कीमतों में मामूली गिरावट आई है क्योंकि निवेशक अमेरिका-ईरान संबंधों और अमेरिका के महत्वपूर्ण मुद्रास्फीति आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं।
वहीं मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह के अनुसार, मजबूत डॉलर के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। उनका मानना है कि बाजार अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर नीति को लेकर सतर्क है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या रहे भाव?
Gold Price Crash का असर वैश्विक बाजारों में भी दिखाई दिया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में—
- हाजिर सोना लगभग 4,160.60 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।
- हाजिर चांदी लगभग 62.24 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी।
अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई निवेशक लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहता है, तो वह कीमतों में गिरावट के दौरान चरणबद्ध तरीके से खरीदारी पर विचार कर सकता है।
हालांकि, अल्पकालिक निवेश करने वालों को अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखनी चाहिए क्योंकि इनके आधार पर कीमतों में तेजी या गिरावट आ सकती है।
Gold Price Crash के चलते सोमवार को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सोना 150 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ, जबकि चांदी में 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट देखने को मिली। बाजार की आगे की दिशा काफी हद तक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, डॉलर की मजबूती और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। ऐसे में निवेशकों को खरीदारी से पहले बाजार के ताजा रुझानों पर नजर बनाए रखना चाहिए।

